देश की आजादी के बाद इतिहास को तोड़ा मरोड़ा गया। जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी उन्हें इतिहास के पन्ने से मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। आज आत्ममंथन का दिन है।
इतिहास के पन्नो से धूल झाड़िए। यह कहना है पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत का। वे गांधी स्मारक भवन में शहीदी दिवस पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि वे स्कूल के दिनों में शिव वर्मा की किताबें पढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि शिव वर्मा शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव से किसी भी हालत में कम नहीं हैं।
यह आयोजन गांधी स्मारक निधि, आचार्यकुल ट्रस्ट, सक्सेसर्स ऑफ फ्रीडम फाइटर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महेश दत्त शर्मा ने की।
इस अवसर पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन सत्य गोपाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। गांधी स्मारक निधि के ट्रस्टी केके शारदा, निदेशक डॉ देवराज त्यागी, डॉ माधव कौशिक सहित कई गणमान्य उपस्थित हुए।
केके शारदा ने बताया कि समारोह में 35 स्वतंत्रता सेनानी और उनके परिवारों 10 साहित्यकारों एवं 13 विशिष्ट कार्य करनेवालों को सम्मानित किया गया। समारोह में देश भक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंच संचालन पुनीता बावा ने किया।
नेता तो अदालत से ही डरते हैं:माधव कौशिक
वािष्ठ साहित्यकार डॉ माधव कौशिक ने समारोह में उपस्थित पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत से कहा कि नेता तो अब अदालत से ही डरते हैं। उन्होंने उनसे निवेदन किया कि कोई आर्डर पास करें, ताकि सभी एमपी और एमएलए अंडमान के जेल जाकर देखें कि हमारे देश से सेनानियों ने कितने तकलीफें काटकर देश को आजाद करवाया। इस पर जस्टिस सूर्यकांत गंभीर होकर उनकी बात सुनते रहे। लोगों ने खूब तालियां बजाई।