फरवरी 2016 में हरियाणा में हुए जाट आंदोलन के दौरान हिंसा मामले में राजनीति षड्यंत्रों पर जांच कर रहे जस्टिन एसएन झा आयोग ने अब जाट नेता यशपाल मलिक को तलब किया है। यशपाल मलिक उस दौरान जाट आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। लेकिन देखते ही देखते ये जाट आंदोलन जबरदस्त हिंसा में बदल गया था और इस हिंसा में 31 लोग मारे गए थे। जबकि करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ था।
इसी मामले में अब आयोग यशपाल मलिक से इस संदर्भ में पूछताछ करना चाहता है, इसलिए यशपाल मलिक को नोटिस भेजकर आयोग के गुरुग्राम कार्यालय में पेश होने केआदेश दिए गए है। यशपाल मलिक अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष है और इस वक्त भी जाट आंदोलन को लेकर पूरी तरह सक्रिय है।
उधर, जाटों समेत छह जातियों को आरक्षण दिए जाने का पूरा मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। इसकी सुनवाई दस दिसंबर को है। लिहाजा झा आयोग को जल्द से जल्द पूरे मामले की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपना चाहती है। आयोग यशपाल मलिक से यह पूछना चाहता है कि उसकी मनोज दूहन के साथ क्या बातचीत हुई थी।
मनोज दूहन इस आंदोलन के आरोपियों में से एक है। इस आंदोलन में हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की रोहतक कोठी पर भी इस आंदोलन के दौरान आगजनी हुई थी, जिसमें कैप्टन के परिवार के सभी सदस्यों को जलाकर मार देने की साजिश रचे जाने की आशंका खुद मंत्री ने जाहिर की थी। सीबीआइ इस पूरे मामले की जांच कर रही है।