सरकार को जिन यात्रियों के आवागमन से भारीभरकम राजस्व की प्राप्ति होती है,उनकी सुरक्षा और व्यवस्था सोमवती अमावस्या पर गौण नजर आई।
इन यात्रियों पुलिस-प्रशासन, रेलवे और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) के इंतजाम नाकाफी नजर दिखे। एक ओर जहां अनियंत्रित ट्रैफिक के चलते दिन भर कई बार सड़कों पर जाम के हालात पैदा हुए, वहीं दूसरी और हजारों रेल यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आई।
ब्रह्मसरोवर के निकट स्थित थानेसर रेलवे स्टेशन पर आज हजारों श्रद्धालु कैथल की ओर आवागमन करने वाली ट्रेनों में ठसाठस भरे नजर आए।
भीड़ का आलम ये था कि जितने यात्री ट्रेन के भीतर थे,उससे ज्यादा ट्रेन की छत और पायदान और इंजन के पास लटके हुए नजर आए। रेलवे प्रशासन ने सोमवार को पुलिस तक मुस्तैद करना उचित नहीं समझा। हजारों यात्रियों का आवागमन थानेसर रेलवे स्टेशन से हुआ।
तीर्थ यात्री की रेलवे स्टेशन पर मौत
स्नान के लिए आए नरवाना वासी एक युवक की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। यह युवक थानेसर रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह मृत पाया गया।
जिसकी सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की जेब से मिले मोबाइल फोन से उसके परिजनों को घटना बारे सूचित किया गया।
दोपहर तक मृतक के परिजन कुरुक्षेत्र पहुंच चुके थे। वहीं रेलवे पुलिस ने बताया कि है कि तीर्थ नरवाना वासी 34 वर्षीय बलवान पुत्र राजपाल की मौत हार्ट अटैक से हुई है।
थानेसर रेलवे स्टेशन पर पुलिस नहीं दिखी
एक ओर जहां रेलवे स्टेशन पर एक युवक की मौत हो गई, वहीं व्यवस्था के मद्देनजर रेलवे अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आई।
ये अंदाजा पहले से था कि थानेसर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ रहेगी। लेकिन इसके बावजूद सोमवार सुबह एक भी रेलवे कर्मी थानेसर रेलवे स्टेशन पर नजर नहीं आया।
बगैर लाइफ जैकेट के मोटर बोट में सवार
ब्रह्मसरोवर में डेढ़ दशक पहले मोटर बोट हादसा हो चुका है और तीन सरकारी कर्मचारी अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद आज प्रशासन द्वारा सोमवती अमावस्या पर ब्रह्मसरोवर में मुस्तैद की गई मोटर बोट में सवार कई लोग बगैर लाइफ जैकेट नजर आए।