चंडीगढ़। विज्ञापन के लिए बताई गई सेवाएं न देना कंपनी को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता आयोग ने जस्ट डायल कंपनी को सात हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज के साथ उपभोक्ता को देने का आदेश दिया है। साथ ही पांच हजार रुपये कोर्ट खर्च और मानसिक तनाव के लिए देना होगा। पंचकूला निवासी कमल राठी ने उपभोक्ता अदालत में दी याचिका में बताया कि उन्होंने जस्ट डायल कंपनी से 28 हजार रुपये का विज्ञापन योजना खरीदी थी। उन्होंने 4,720 रुपये एडवांस में दिए थे। इसके बाद 10 नवंबर 2023 को उन्होंने 2,360 रुपये की एक और किस्त कंपनी के खाते में डाली थी। लेकिन कंपनी ने किए हुए वादे के मुताबिक सेवाएं प्रदान नहीं कीं। इस पर जब उसने कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह गांव में है और काम पूरा नहीं कर सकेगा। इसके बाद उन्होंने कंपनी को 13 नवंबर 2023 को ऑनलाइन समस्या दर्ज कराई लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया जिसमें उन्होंने जस्ट डायल पर सेवा में कमी और अन्यायपूर्ण व्यापार प्रथाओं का आरोप लगाया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने पाया कि कंपनी ने उपभोक्ता को उचित सेवाएं प्रदान नहीं की और उपभोक्ता की शिकायतों का सही समाधान नहीं किया गया। इसके बाद आयोग ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुना दिया।