चंडीगढ़। पीजीआई में पिछले 7 दिनों से चल रही अनुबंध कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद शुक्रवार को मरीजों को सामान्य रूप से सभी सुविधाएं प्राप्त हुईं। लंबे इंतजार के बाद जहां एक तरफ नए मरीजों का पंजीकरण हुआ, वहीं बैंड इलेक्टिव सर्जरी शुरू होने से ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीज ने राहत की सांस ली। शुक्रवार को 9000 से ज्यादा मरीजों को इलाज मिला। वहीं, दूसरी तरफ प्रभावित हुई सफाई व्यवस्था भी धीरे-धीरे सुधरने लगी है। हॉस्पिटल अटेंडेंट, किचन स्टाफ, सफाईकर्मी और ऑफिस बियरर के काम पर लौटने से पीजीआई प्रशासन ने सभी सुविधाएं पहले की तरह शुरू कर दी है।
बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद अनुबंध पर तैनात कर्मचारियों की सात दिनों से की जा रही हड़ताल वीरवार की शाम समाप्त हुई। इसके बाद संस्थान में मरीज को इलाज मिलना संभव हो पाया है। सिर्फ फॉलोअप के मरीजों को सुबह 8 से 10:00 बजे तक पंजीकरण के बाद इलाज उपलब्ध हो पा रहा था। उस दौरान इमरजेंसी और ट्रॉमा की सेवाएं भी प्रभावित हो रहीं थीं। जिसे ध्यान में रखकर पीजीआई ने अन्य प्रदेशों से मरीज रेफर न करने का भी आग्रह किया था। ऐसे में 7 दिनों में लगभग 25000 से ज्यादा मरीज जहां ओपीडी में इलाज प्राप्त करने से वंचित रहे, वहीं लगभग दो से ढाई सौ इलेक्टिव सर्जरी नहीं हो सकी। ऐसी स्थिति में पीजीआई प्रशासन जल्द से जल्द लंबित सर्जरी को खत्म करने की व्यवस्था करने में भी जुटा हुआ है।
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कर्मचारियों को सता रहा वेतन कटने का डर
हड़ताल करने वाले कर्मचारियों के लिए नो वर्क नो पे का निर्देश जारी किए जाने को लेकर अब काम पर लौटे कर्मचारी बेहद तनाव में है। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं उनके सात दिनों का वेतन न काट दिया जाए। कर्मचारियों में इस बात की भी चर्चा है कि हड़ताल से न तो उन्हें बढ़ा हुआ वेतन मिला नहीं ही बोनस, बल्कि उल्टे उनका वेतन कटने की नौबत आ गई है। ऐसी स्थिति में हुए कर्मचारी प्रशासन से वेतन कटौती के निर्देश को वापस लेने का आग्रह करेंगे।
इनसेट-
शुक्रवार को इतनों मरीजों को मिला इलाज
ओपीडी में कुल मरीज– 8198
इमरजेंसी ओपीडी– 155
ट्रामा ओपीडी– 16
कैथ प्रक्रियाएं– 15
डिलिवरी – 8
डे केयर कीमोथेरेपी–147
आपातकालीन कुल मरीज – 270
एटीसी कुल मरीज– 220