पंजाब मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान पांच मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। सात मंत्रियों और दो स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्रियों को साथ लेकर सरकार गठित करने वाले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में अभी कम से कम सात और मंत्रियों के पद खाली हैं।
सूत्रों के अनुसार, जून के पहले हफ्ते में प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार में मंत्रियों के सभी पद नहीं भरे जाएंगे, बल्कि पांच मंत्रियों का चयन होगा और शेष पदों को आने वाले समय में विस्तार के लिए खाली छोड़ दिया जाएगा। यह भी पता चला है कि जिन पांच विधायकों को मंत्री की कुर्सी मिल सकती है, उनके नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है।
उधर, कैबिनेट विस्तार की चर्चा शुरू होते ही मंत्री पद पर नजरें जमाए कई विधायक जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का आशीर्वाद पाने की जुगत में लगे हैं तो कई मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निवास और कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
मंत्री पद की रेस में हैं ये नाम
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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सूत्रों के अनुसार, जिन विधायकों को मंत्री पद मिल सकता है, उनमें सबसे पहला नाम गीदड़बाहा से विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का है। ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष राजावड़िंग राहुल गांधी के भी काफी करीब हैं और उनका मंत्री बनना तय माना जा रहा है।
इनके अलावा, गुरु हरसहाय से विधायक राणा गुरमीत सिंह, अमृतसर वेस्ट से विधायक और प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजकुमार वेरका, मोहाली के विधायक बलबीर सिंह सिद्धू और अमृतसर सेंट्रल से विधायक ओपी सोनी के नाम हैं। इनके अलावा संगरूर से विधायक विजय इंदर सिंगला, फतेहगढ़ साहिब से विधायक कुलजीत सिंह नागरा, डेरा बाबा नानक से सुखजिंदर सिंह रंधावा और टांडा उड़मुड़ के संगत सिंह गिलजियां की चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास पर आवाजाही बढ़ गई है।
कुछ के बदले जा सकते हैं विभाग
वहीं, मंत्री पद की दौड़ से अलग, जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह भले ही दावेदारों में दिखाई नहीं दे रहे, लेकिन माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री स्वयं उन्हें अपनी कैबिनेट में जगह दे सकते हैं। कैबिनेट विस्तार के समय मंत्रियों में से कुछ के विभागों में भी फेरबदल किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।