जुझार सिंह के पिता इंस्पेक्टर हरमिंदरजीत सिंह।
- फोटो : संवाद
18 साल बाद भारत को दिलाया मेडल
वर्ष 2023 में चीन में हुई एशियन रोलर चैंपियनशिप में जुझार सिंह ने कप्तान के रूप में भारतीय टीम का नेतृत्व किया था, जिसमें टीम ने 18 साल बाद सिल्वर मेडल जीता। 2024 में इटली में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत चौथे स्थान पर रहा था। वहीं 2025 में दक्षिण कोरिया में हुई एशियन रोलर चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया।
प्रीमियर लीग में सबसे महंगे बिके थे जुझार सिंह
रोलर हॉकी प्रीमियम लीग की शुरुआत भारतीय रोलर स्केटिंग महासंघ (आरएसएफआई) ने की थी। चंडीगढ़ टीम ने जुझार को सबसे ऊंची बोली लगाकर अपने साथ जोड़ा था और उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया।
ट्रॉफी के साथ जुझार सिंह।
- फोटो : संवाद
बेटे का एक लाख का इनाम प्रशासक ने पिता को दिया
जुझार की इस उपलब्धि पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया उनके पिता, एएनटीएफ एसएचओ इंस्पेक्टर हरमिंदरजीत सिंह को एक लाख रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सेक्टर-26 पुलिस लाइन में बड़ा खाना कार्यक्रम का आयोजन था। जहां पुलिसकर्मियों के बच्चों को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय खेल में मेडल लाने के लिए नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया था। उस दौरान जुझार ऑस्ट्रेलिया में टूर्नामेंट खेलने गए थे, जिसके चलते एक लाख का इनाम उनके पिता की दिया गया। इससे पहले भी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने उनके बेटे की दो लाख 70 हजार रुपये की इनामी राशि देकर सम्मानित कर चुके हैं। चंडीगढ़ के डीजीपी भी जुझार को सम्मानित कर चुके हैं। प्रशासन की तरफ से भी जुझार सिंह को सम्मानित किया जा चुका है।
पिता और कोच को दिया सफलता का श्रेय
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ियों की पहचान बनाना गौरव की बात है और जुझार ने अपने खेल से देश का नाम रोशन किया है।
जुझार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और कोच को देते हुए कहा कि मेरी हर जीत में पिता और कोच का आशीर्वाद और मार्गदर्शन शामिल है। उन्हीं की मेहनत और प्रेरणा से आज यह मुकाम हासिल किया है।