हरियाणा के बहुचर्चित एचसीएस ज्यूडिशियल पेपर लीक मामले में यूटी पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि अब केस ट्रायल में चार्ज तय होने बाकी हैं। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और जल्द से जल्द केस का निपटारा किया जाना चाहिए और दोषियों को सजा मिले। पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिये याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस (ज्यूडिशियल) के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे जिसके लिए याची ने भी आवेदन किया था।
परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया। इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई, जिसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जब याची ने सुशीला से पूछा तो सुशीला ने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली। याची ने कहा उसे विश्वास नहीं हुआ इस स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो सकता है।
सुशीला ने याचिकाकर्ता को 6 सवाल भी बताए जो परीक्षा में आने थे। जब 16 जुलाई को परीक्षा हुई तो याचिकाकर्ता को यह जानकर आश्चर्य हुआ की जो सवाल उसे बताये गए थे वह परीक्षा में आए थे। याचिकाकर्ता ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को और हाईकोर्ट को एडमिनिस्ट्रेटिव साइड पर दी। याचिकाकर्ता के अनुसार यह एक बेहद ही गंभीर मामला है लिहाजा इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी बेहद ही जरूरी है।