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सिब्बल की भाभी के आभूषण चोर को बचा रहे जज

Wed, 23 Jul 2014 05:35 PM IST
सुशील गंभीर/अमर उजाला, पंचकूला
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पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की भाभी के 60 लाख के गहने शताब्दी एक्सप्रेस से चोरी होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। चोरों ने दिल्ली निवासी जिस व्यक्ति को गहने बेचा था, वह हरियाणा के एक एडिशनल सेशन जज (एडीजे) का रिश्तेदार निकला।
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जीआरपी ने जब उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की तो एडीजे ने फोन करके उसे छोड़ने के लिए जीआरपी पर दबाव बनाया। जीआरपी ने यह आरोप लगाते हुए जज से फोन पर हुई बातचीत को केस डायरी में भी दर्ज किया है। बहरहाल, नौ जुलाई को यह केस पंचकूला पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की भाभी कविता सिब्बल चंडीगढ़ सेक्टर-5 में रहती हैं। इसी साल 12 जनवरी को वह शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली से चंडीगढ़ आ रही थीं। चंडीगढ़ पहुंचने पर उन्होंने पाया कि 60 लाख के हीरे समेत सोने के गहने और कैश वाला बैग गायब था। उन्होंने चंडीगढ़ स्थित जीआरपी थाने में केस दर्ज कराया।
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जज के रिश्तेदार ने आरोपियों से खरीदे गहने

गहने चुराने के तीन आरोपी दिल्ली क्राइम ब्रांच के हाथ लग गए। पुलिस ने उनसे करीब 30 लाख के गहने भी रिकवर कर लिए, जबकि बाकी गहने को चोरों ने दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी विनोद गोयल को बेच दिया। दिल्ली क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े आरोपी हिसार के हांसी निवासी जसबीर, मुकेश व सुनील ने ही इसका खुलासा किया।

उन्होंने पुलिस को बताया कि वे कुरुक्षेत्र से शताब्दी में चढ़े थे और बैग चुराकर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर उतर गए।  आरोप है कि जीआरपी ने जब गहने खरीदने वाले को पकड़ने की कोशिश की तो हरियाणा में तैनात एक एडिशनल सेशन जज ने उसे छोड़ने का दबाव बनाया। सब इंस्पेक्टर हरदेव सिंह ने जज के फोन आने व केस से संबंधित बातचीत को केस डायरी में भी दर्ज किया है।

मामला एसपी रेलवे अंबाला तक पहुंचा तो जज ने वहां भी फोन करके गहने खरीदने के आरोपी को छोड़ने का दबाव बनाया और कुछ एसएमएस भी किए। इसके बाद एसपी रेलवे अशोक कुमार ने डीजीपी को शिकायत दी।
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आखिरकार, 10 दिन पहले हो गई गिरफ्तारी

एसपी रेलवे की शिकायत के बाद डीजीपी ने यह मामला एक दूसरे अधिकारी को ट्रांसफर कर दिया। वहीं से इस केस को जीआरपी से पंचकूला डीसीपी को ट्रांसफर करने के आदेश हुए।

करीब 10 दिन पहले जीआरपी ने चोरी के गहने खरीदने के आरोपी विनोद गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अब तक रिकवरी नहीं हुई है।

अंबाला रेलवे के एसपी अशोक कुमार ने बताया कि यह बात सच है कि आरोपी को छोड़ने के लिए जज द्वारा जीआरपी को धमकाने की मैंने डीजीपी से शिकायत की थी। फिलहाल, यह केस पंचकूला पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। वहीं डीसीपी पंचकूला राहुल शर्मा के मुताबिक जांच के लिए केस आया है। हम जांच कर रहे हैं।
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