चंडीगढ़। 14 वर्ष पुराने चर्चित जज नोटकांड रिश्वत मामले की सुनवाई बुधवार को चंडीगढ़ सीबीआई की विशेष अदालत में हुई। इस दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जज आरोपी जस्टिस निर्मल यादव के सीआरपीसी 363 के बयान दर्ज नहीं हो पाए। एक बार फिर उनकी तरफ से तारीख ले ली गई। सीबीआई की विशेष अदालत के एडिशनल एंड सेशन जज जगजीत सिंह ने बयान दर्ज करने के लिए अब 24 नवंबर की तारीख दी है।
केस में बाकी तीनों आरोपी अपने बयान दर्ज करवा चुके हैं। इनमें आरोपी बिजनेसमैन रविंदर सिंह भसीन, राजीव गुप्ता और निर्मल सिंह शामिल हैं। एक आरोपी संजीव बंसल की मौत हो चुकी है। पूर्व जस्टिस निर्मल यादव 14 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में आरोपी हैं। कोर्ट अपने आदेश में कह चुकी है कि यह मामला 10 साल से पुराने केसों की श्रेणी में आता है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेशों के तहत केस को इसी वर्ष दिसंबर तक डिसाइड किया जाना है।
यह है मामला
जज नोटकांड के आरोप के मुताबिक, पंचकूला के एक प्लॉट के केस में एकतरफा फैसला देने के लिए 15 लाख रुपये की रिश्वत हाईकोर्ट की जज निर्मल यादव के नाम पर ली गई थी। नाम की गलती के चलते संजीव बंसल का मुंशी प्रकाश राम यह रकम न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की कोठी पर ले गया था। सीबीआई ने 16 अगस्त 2008 को जस्टिस निर्मल यादव समेत पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल, बिल्डर राजीव गुप्ता, दिल्ली के बिजनेसमैन रविंदर सिंह भसीन और निर्मल सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।