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जेपी कंपनी ब्लैक लिस्ट, पार्षद बोले- हमें समझौता मंजूर नहीं, कंपनी को बाहर करो

Fri, 09 Jun 2017 09:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Chandigarh waste plant
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12 साल से डड्डूमाजरा में गारबेज प्लांट चला रही जेपी एसोसिएट्स कंपनी को वीरवार को निगम सदन ने ब्लैक लिस्ट करने का प्रस्ताव पास कर दिया। इससे पहले पार्षदों ने कंपनी के काम को लेकर कई सवाल उठाए और विरोध दर्ज करवाया। सदन ने कंपनी के साथ किया एग्रीमेंट भी रद्द कर दिया। हाउस की मीटिंग में एक कमेटी का गठन किया गया। यह कमेटी कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में रिपोर्ट तैयार करेगी, ताकि कंपनी से यह प्लांट निगम अपने कब्जे में ले सके।
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जेपी एसोसिएट्स कंपनी ने निगम को पेशकश की थी कि वह शहर में 250-300 टन क्षमता वाला कपोस्ट प्लांट स्थापित करेगा और शहर में पहले से चल रहे गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट में कचरा प्रोसेस करने के लिए कोई टिपिंग शुल्क नहीं लेगा। इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने के लिए निगम की यह विशेष बैठक बुलाई गई थी, मगर पार्षदों ने जेपी कंपनी के साथ किसी भी तरह का नाता रखने से साफ इनकार कर दिया।

मेयर ने तुरंत बुलाई कमेटी की बैठक फिर पहुंचीं प्रशासक के पास
सदन की बैठक के बाद मेयर ने कमेटी की बैठक भी बुला ली। बैठक में निर्णय लिया गया कि कमेटी के सदस्य समय लेकर प्रशासक से मिलेंगे व उनसे अनुरोध करेंगे कि जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से उन्हें जेपी एसोसिएट्स को डड्डूमाजरा में दी गई 10 एकड़ भूमि का कब्जा दिलाए। इसके बाद सभी प्रशासक से मिलने गए। प्रशासक ने भरोसा दिया कि शहर के हित में सदन ने जो भी निर्णय लिया है वह उसके समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि जेपी एसोसिएट्स से भूमि का कब्जा लेने के लिए वह जिला मजिस्ट्रेट से कानूनी पहलुओं पर विचार करने को कहेंगे। वहीं डीसी अजीत बाला जी जोशी ने शुक्रवार को कमेटी की बैठक बुला ली है। 
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Mayor Asha Jaiswal
मेयर आशा जसवाल ने वीरवार को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट प्रबंधकों से नए सिरे से समझौते करने पर चर्चा के लिए निगम सदन की  विशेष बैठक बुलाई थी, मगर जैसे ही बैठक शुरू हुई तो पार्षदों ने इसका विरोध जताना शुरू कर दिया और एक सुर में कहा कि कंपनी सही ढंग से काम नहीं कर रही और इसे शहर से बाहर करो।

हमें समझौता मंजूर नहीं। विदित रहे कि कंपनी बिना टिपिंग शुल्क के वर्तमान में प्लांट को चलाने के लिए कंपोस्ट प्लांट लगाना चाहती थी और इसके लिए समझौते के ड्राफ्ट पर जेपी एसोसिएट्स ने 6 जून को ही हस्ताक्षर कर भेज दिए थे। अब निगम को इस पर अंतिम निर्णय लेना था।

बैठक के दौरान भाजपा पार्षद अरुण सूद ने कहा कि हमें प्लांट का पजेशन ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुपके से पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के निर्देश पर उस समय जेपी एसोसिएट्स से गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट बनाने का प्रस्ताव पास कराया गया था। इस पर कांग्रेसी पार्षद बबला ने कहा कि हमसे गलती हो गई, अब आप तो इसे सुधार लो।

अधिकारियों पर लगे पैनल्टी : कमलेश
जेपी के साथ अधिकारियों के ऊपर पैनल्टी लगानी चाहिए। गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट ठीक से न चलने पर उन्होंने मेयर रहते हुए वर्ष 2009 में निगम सदन की विशेष बैठक बुलाई थी। यह विशेष बैठक इसलिए बुलाई गई थी कि प्लांट में जो कमियां हैं, उन्हें पूरा किया जाए।

अधिकारियों को जेपी के खिलाफ एक्शन लेने को कहा गया था, लेकिन इस बैठक में हुआ सभी खर्च हमारे ऊपर डाला गया था। मीटिंग के खर्च की राशि मुझे जमा करानी पड़ी थी। अभी तक राशि वापस नहीं मिली है।
कमलेश, पूर्व मेयर
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