हरियाणा पुलिस ने यूपी वेस्ट एसटीएफ को साझा किया महत्वपूर्ण इनपुट
चंडीगढ़। हरियाणा और यूपी वेस्ट में सक्रिय गैंगस्टरों के खिलाफ यूपी एसटीएफ और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम कड़ा प्रहार करने में जुट गई है। करनाल पुलिस की तरफ से गैंगस्टर और उनके गुर्गों की सक्रियता को लेकर इनपुट भी यूपी वेस्ट एसटीएफ को साझा किया है। तकनीकी मदद से गैंगस्टरों के नेटवर्क तक पहुंचने और उसे तोड़ने में यूपी एसटीएफ व हरियाणा पुलिस लगी हुई है। इस मामले में एसपी करनाल गंगाराम पूनिया के मुताबिक यूपी वेस्ट की एसटीएफ टीम को लगातार सहयोग दिया जा रहा है। हालांकि, जांच का हिस्सा होने के नाते इनपुट को खोलकर नहीं बताया जा सकता है। अभी उनकी ओर से मांगे गए कई महत्वपूर्ण इनपुट भी हरियाणा पुलिस की तरफ से दिए गए है। इसी तालमेल से गैंगस्टरों के खिलाफ प्रहार पर कार्रवाई जारी है।
यूपी एसटीएफ ने साझा जानकारी में बताया, वेस्ट यूपी और हरियाणा में तीन दर्जन से अधिक छोटे-बड़े गैंग सक्रिय है। इनकी सबसे ज्यादा सक्रियता मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत और हरियाणा के रोहतक, सोनीपत, हिसार और करनाल में है। वहीं, इन गैंगस्टरों में लॉरेंस बिश्नोई, काला जठेड़ी, संजीव जीवा, मुकीम काला, अनिल दुजाना, सुंदर भाटी गैंग प्रमुख है।
जेलों में बंद गुर्गों पर निगरानी बढ़ाई
हरियाणा और यूपी वेस्ट की जेलों में बंद गैंगस्टरों के गुर्गों पर हरियाणा पुलिस और एसटीएफ ने निगरानी बढ़ाई है। सूत्रों के मुताबिक दोनों राज्यों की जेल में बंद मुकीम काला सहित अन्य गैंग के गुर्गें छोटे-मोटे अपराध में जेल जाने वाले बदमाशों को अपनी तरफ शामिल करने की पुरजोर कोशिश में लगे है। संयुक्त जांच में सामने आ चुका है कि कुछ दिन पहले शामली मुठभेड़ में एसटीएफ टीम की ओर से मारे जाने वाले मुकीम गैंग और मुस्तफा कग्गा गैंग के सदस्यों की मुलाकात हरियाणा के विभिन्न जेलों में बंद रहने के दौरान हुई थी। इनमें करनाल की जेल में अरशद से सतीश व मनवीर, सोनीपत की जेल में अरशद से मंजीत की मुलाकात हुई थी।