हरियाणा सरकार ने 13, 500 गेस्ट टीचर्स को रोजगार की गारंटी देने के लिए साथ ही जिम्मेदारियां भी बढ़ा दी हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है, नहीं तो नौकरी खत्म कर दी जाएगी। दरअसल, अब गेस्ट टीचर्स से सरकार प्रदेश में खाली किसी भी पद पर सेवाएं ले सकती है। टीजीटी और पीजीटी का स्टेट कैडर है, उन्हें सरकार अब राज्य के किसी भी जिले में खाली पदों पर ट्रांसफर कर सकेगी।
नियमित नियुक्तियां होने पर इनकी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए ऐसा किया जाएगा। जेबीटी गेस्ट टीचर्स से भी सरकार किसी भी जिले में नौकरी ले सकेगी। अभी अधिकतर गेस्ट टीचर्स अपने या पड़ोस के ही जिले में कार्यरत हैं। हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा विधेयक, 2019 पारित होने के बाद अब गेस्ट टीचर्स की निगाहें सरकार की ओर से जारी होने वाली अधिसूचना व वित्त विभाग की ओर से तय किए जाने वाले वित्तीय ढांचे पर टिकी हुई हैं।
गेस्ट टीचर्स लंबे समय से रेगुलर करने की मांग कर रहे थे, सरकार पर उन्होंने दबाव भी बनाया, लेकिन पक्का करने की राह में सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेश आड़े आ गए। जिन्हें देखते हुए भाजपा सरकार ने गेस्ट टीचर्स की नौकरी 58 साल की आयु तक सुरक्षित करने के लिए विधेयक पारित कराया है।
बेसिक पे के साथ डीए मिलेगा
गेस्ट टीचर्स को अब रेगुलर कर्मचारियों की बेसिक पे के साथ डीए मिलेगा। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ ऐसे भी लाभ हैं, जिनसे गेस्ट टीचर्स को वंचित रहना होगा। अगर किसी स्कूल में पद खाली नहीं है और गेस्ट टीचर्स तैनात है, तो स्कूल मुखिया या सक्षम अधिकारी को निदेशालय को उसके बारे में जानकारी देनी होगी ताकि दूसरी जगह उससे अध्यापन कार्य कराया जा सके।
अगर कोई गेस्ट टीचर्स सेवा नियमों पर खरा नहीं उतरता है, या किसी मामले में दोषी पाया जाता है तो सरकार नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर उसे नौकरी से हटा सकती है। नौकरी से हटाए गए शिक्षक को अपील प्राधिकारी के समक्ष निर्णय के खिलाफ अपील करने का अधिकार रहे, अपील प्राधिकारी का निर्णय अंतिम होगा।
इन कर्तव्यों का भी करना होगा पालन
. नियमित शिक्षकों की अनुपस्थिति में उनकी कक्षा को पढ़ाना। छुट्टी, प्रशिक्षण, सेवानिवृत्ति व मृत्यु के कारण खाली चल रहे पद का जिम्मा संभालना।
. गैर शैक्षणिक कार्य उपचारात्मक अध्यापन, पर्यवेक्षण, टेस्टों का मूल्यांकन, प्रयोगशाला में प्रयोग इत्यादि
. प्रशासनिक कार्य जैसे मिड-डे मील स्कीम का पर्यवेक्षण, नामांकन अभियान, अभिभावकों से बातचीत कर जनता में जागरूकता अभियान चलाना, डाटा इत्यादि एकत्रित करना या विभाग के सर्वे इत्यादि।