भोपाल जेल से भागे कैदियों को मुठभेड़ में मार गिराने की घटना पर दिग्विजय सिंह के बाद अब कन्हैया कुमार ने सवाल उठाए हैं। जेएनयू छात्र संघ के नेता कन्हैया कुमार मंगलवार को कन्हैया कुमार जालंधर में मेला गदरी बाबियां दा में हिस्सा लेने के लिए पंजाब के जालंधर में थे। यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि मंगलवार को पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
कन्हैया ने कहा कि भोपाल मुठभेड़ की जांच सीबीआई से नहीं बल्कि न्यायिक होनी चाहिए क्योंकि सीबीआई तो सरकार के इशारों पर कार्य कर रही है। भोपाल की जेल क्या इतनी कमजोर है, जो आठ लोग जेल तोड़ने में कामयाब हो गए और भाग निकले। जेल तोड़ने वाले क्या इतने ही मंदबुद्धि वाले थे कि एक साथ आठों लोग घूमते रहे ? आठ लोगों का एक साथ मिलना और उनको मुठभेड़ में मार गिराना अपने आप में सवाल उठा रहा है।
इसकी जांच न्यायिक होनी चाहिए क्योंकि देश की सीबीआई पर आरोप प्रत्यारोप चल रहे हैं कि इसका राजनीतिकरण हो चुका है। सीबीआई से परेशान होकर एक वरिष्ठ अधिकारी खुदकुशी कर गया और उसने बकायदा भाजपा के राष्ट्रीय प्रधान अमित शाह का नाम लिखा लेकिन सीबीआई या कानून ने क्या किया ? इसलिए देश की जनता को न्यायिक जांच पर पूरा भरोसा है।
अल्पसंख्यकों पर हमलों की निंदा की
जेएनयू के छात्र संघ नेता कन्हैया कुमार
कन्हैया कुमार ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर हमले तेज हो रहे हैं और यह दिनप्रति दिन बढ़ते जा रहे हैं। देश में भूखमरी, विकास मुख्य मुद्दा है लेकिन यूपी चुनावों में फायदा लेने के लिए भाजपा देश के इन मुद्दों के स्थान पर सर्जीकल स्ट्राइक के मुद्दे को लेकर चल रही है।
देश के रक्षामंत्री कह रहे हैं कि आरएसएस से प्रेरणा लेकर सर्जीकल स्ट्राइक की लेकिन क्या आज तक संघ का कोई नेता या वर्कर बार्डर पर जाकर लड़ा है? 1925 से आरएसएस लाठी लेकर चल रहा है लेकिन आज तक किस सीमा पर जाकर इस लाठी का प्रयोग किया ?
आर्मी क्या आरएसएस से प्रेरणा लेकर चल रही है ? भारत के जवान सीमा पर शहीद हो रहे हैं और आरएसएस व भाजपा अपनी पीठ थपथपा रही है। देश में नारा चल रहा है कि सोच बदलो देश बदलो लेकिन पीएम मोदी इतिहास बदलने की कोशिश में लगे हैं।
शिक्षा व किताबों में बदलाव किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ी यह न पढ़ सके कि किस तरह से वीर सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी।
मोदी का पुतला फूंके जाने पर बोले
जेएनयू के छात्र संघ नेता कन्हैया कुमार
जेएनयू में दशहरे के दिन मोदी का पूतला फूंके जाने की घटना पर कन्हैया कुमार ने कहा कि देश आजाद है, यहां पर हर किसी को पूतला फूंकने का हक है। जेएनयू में तो गांधी जी का पूतला भी फूंका जा चुका है। हां, मोदी का पूतला दशहरे के दिन नहीं फूंकना चाहिए क्योंकि शैतान का पूतला तो साल में बाकी किसी भी दिन फूंका जा सकता है।
जेएनयू से छात्र नजीब अहमद के अचानक गायब होने की घटना पर कन्हैया कुमार ने कहा कि नजीब पर एबीवीपी के लोगों ने हमला किया था और उसके बाद से आरोपियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। एबीवीपी आरएसएस का अंग है और जो पुलिस जेएनयू में कूड़े के ढेर में कंडोम तक खोज लेती है वह नजीब को क्यों खोज नहीं पा रही है? यह सब एक साजिश का हिस्सा है।