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जेएनयू प्रकरण ः पीयू में छात्र संगठनों ने किया हंगामा

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चंडीगढ़। जेएनयू प्रकरण को लेकर सोमवार को पीयू में तीन घंटे तनाव का माहौल रहा। आक्रोशित छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। जहां वामपंथी संगठनों व एनएसयूआई ने इसमें एबीवीपी व केंद्र सरकार का हाथ बताया, वहीं एबीवीपी ने आरोप लगाया कि वामपंथी स्टूडेंट्स व एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर रात में हमला किया। प्रदर्शन के दौरान तीनों संगठन आमने सामने आ गए। इस दौरान पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। पुलिस की सूझबूझ से प्रदर्शन आगे नहीं बढ़ पाया अन्यथा पीयू में भी सोमवार को जेएनयू की तरह हालात बन सकते थे।
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दोपहर सवा 12 बजे एबीवीपी ने स्टूडेंट सेंटर पर प्रोटेस्ट शुरू कर दिया। देखते ही देखते छात्रों की भीड़ उमड़ पड़ी। अध्यक्ष हरीश गुर्जर, पूर्व अध्यक्ष कुलदीप पंघाल, जतिन आदि छात्र नेताओं ने नारेबाजी शुरू की। उन्होंने कहा कि वामपंथियों ने शिक्षण संस्थानों में गुंडाराज कायम कर दिया। जेएनयू में रात को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य छात्र-छात्राओं पर हमले किए गए। उन्होंने इस प्रकरण में एनएसयूआई का भी हाथ बताया। यह सुनते ही स्टूडेंट सेंटर के रैंप पर प्रोटेस्ट कर रहे एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अनुज सिंह, स्टूडेंट काउंसिल उपाध्यक्ष राहुल आदि छात्र नेता आक्रोशित हो गए। उन्होंने एबीवीपी व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया। पुलिस ने एनएसयूआई को रैंक पर ही रोका। इसी दौरान वामपंथी संगठन आइसा, एसएफएस, पीएसयू ललकार समेत एक दर्जन संगठनों के पदाधिकारी भी प्रोटेस्ट के लिए सेंटर पर पहुंच गए। उन्होंने भी एबीवीपी के पदाधिकारियों के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया। टकराव की स्थिति को देखते हुए पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने सूझबूझ से इन संगठनों को अलग अलग शिफ्ट कर दिया। इस दौरान इन संगठनों की पुलिस से नोक झोंक भी हुई। एहतियात के तौर पर पीयू में दर्जनों पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।
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