गौर हो कि जजपा के पांच विधायक नारनौंद से रामकुमार गौतम व नरवाना से रामनिवास सुरजाखेड़ा बगावती के शुरू से ही बगावती सुर हैं, जबकि ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के बाद टोहाना से विधायक देवेंद्र बबली, बरवाला से जोगीराम सिहाग और गुहला चीका से ईश्वर सिंह भी बागी हो गए हैं और हिसार रैली से दूरी बना ली थी। व्हिप जारी होने के बाद भी ये पांचों सदन में पहुंचे थे, हालांकि वोटिंग के समय वह बाहर चले गए थे।
पहले इनेलो के पांच विधायकों की गई थी सदस्यता
इससे पहले साल 2019 में इनेलो के पांच बागी विधायकों की सदस्यता रद्द हो गई थी। इनेलो के विधायक होते हुए जजपा के कार्यक्रमों में शामिल होने पर इनेलो ने स्पीकर को शिकायत की थी। शिकायत पर सुनवाई करते हुए तत्तकालीन विधानसभा स्पीकर कंवर पाल ने पांचों विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी। इनमें नरवाना से पिरथी सिंह नंबरदार, दादरी से राजदीप फौगाट, डबवाली से नैना सिंह चौटाला, उकलाना से अनुप धानक और फिरोजपुर झिरका से नसीम अहमद शामिल थे।
विधानसभा का विशेष सत्र अचानक से बुलाया गया था, इसलिए सुबह 10 बजे पार्टी की ओर से व्हिप जारी किया गया था। विधायकों को कहा था कि वे वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे, वे सदन में जरूर पहुंचे थे लेकिन वोटिंग के समय बाहर चले गए थे। जहां तक हिसार रैली में नहीं आने का सवाल है तो इस पर पार्टी विचार कर रही है। पूरे आंकलन के बाद आगामी फैसला लिया जाएगा। -निशान सिंह, प्रदेशाध्यक्ष, जजपा।