शहरवासियों को अब अपनी जमीनों, घरों, फ्लैटों, प्लॉटों और तहसील के कामों के लिए डेराबस्सी तहसील के चक्कर नहीं लगाने पडे़गे। राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में जीरकपुर को सब तहसील का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से इलाका वासीयों ने खुशी जाहिर की है।
उल्लेखनीय है कि अब तक शहर के आसपास और गांवों के लोगों को रजिस्ट्रियां एवं तहसील के अन्य कामों के लिए डेराबस्सी तहसील जाना पड़ता था। जहां पहले से ही ज्यादा भीड़ होने के कारण लोगों को भारी परेशानी होती थी। लोगों की इस परेशानी को देखते हुए सीपीएस एवं हलका विधायक एनके शर्मा पिछले लंबे समय से जीरकपुर को सब तहसील का दर्जा दिलाने के प्रयास में लगे थे।
विधायक शर्मा ने दिसंबर 2012 को जीरकपुर में हुए एक समागम में आए उपमुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल के सामने जीरकपुर को सब तहसील का दर्जा देने की मांग की थी। इस पर सुखबीर बादल ने प्रशासनिक अधिकारियों को इस बारे में प्रस्ताव जल्दी भेजने के लिए कहा था। ऐलान करने के समय बादल ने दो महीने में सब तहसील स्थापित होने का दावा किया था, लेकिन इसके बाद इस काम में लगातार देरी होती चली गई।
जीरकपुर को सब तहसील का दर्जा दिए जाने की पुष्टी करते हुए सीपीएस एवं हलका विधायक एनके शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने कल की कैबिनेट मीटिंग के दौरान जीरकपुर को सब तहसील के प्रस्ताव को मंजूरी दे ही है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी।
इसके बाद जीरकपुर में सब तहसील को चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि माल विभाग के नियम के मुताबिक यहां सब तहसील में एक नायब तहसीलदार, एक कलर्क, एक रीडर नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सब तहसील नगर काउंसिल की नई इमारत में स्थापित की जाएगी।