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Haryana News: बिगड़ने लगी हरियाणा की हवा, जींद देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर, दिवाली तक राहत की उम्मीद नहीं

Tue, 31 Oct 2023 08:34 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के मुताबिक सोमवार शाम चार बजे तक 13 शहर देश में सबसे प्रदूषित दर्ज किए गए। इनमें हरियाणा के छह शहर शामिल थे। देश का सबसे प्रदूषित शहर राजस्थान का हनुमानगढ़ दर्ज किया गया। इस शहर का औसत एक्यूआई 428 दर्ज किया गया।
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छाई धुंध। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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अक्तूबर के आखिरी दिनों में वायु प्रदूषण गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। लगातार दूसरे दिन हरियाणा के छह जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 पार कर गया है। 300 से ऊपर एक्यूआई जाने का मतलब है कि शहर की हवा बहुत खराब स्थिति में है। सोमवार को 416 एक्यूआई के साथ जींद देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। प्रदूषित हवा की वजह से आंखों में जलन और सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ गई हैं। वहीं, विशेषज्ञ के अनुसार प्रदूषण से फिलहाल दिवाली तक राहत के आसार नहीं हैं।

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केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के मुताबिक सोमवार शाम चार बजे तक 13 शहर देश में सबसे प्रदूषित दर्ज किए गए। इनमें हरियाणा के छह शहर शामिल थे। देश का सबसे प्रदूषित शहर राजस्थान का हनुमानगढ़ दर्ज किया गया। इस शहर का औसत एक्यूआई 428 दर्ज किया गया। देश के दूसरे सबसे प्रदूषित शहर जींद में सुबह करीब 11 बजे एक्यूआई 480 तक पहुंच गया, जो शाम साढ़े सात बजे तक 400 से नीचे नहीं आया।

इसलिए बढ़ा वायु प्रदूषण

चंडीगढ़ पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि तापमान घटने से वायुमंडलीय सतह नीचे आती है। इससे प्रदूषण के कण ऊपर नहीं जा पाते और वायुमंडल में ही घूमते रहते हैं। दूसरा बड़ा कारण हवा में गति नहीं है। इससे प्रदूषण के कण ठहरे हुए हैं। तीसरा बड़ा कारण शहरों का अपना प्रदूषण है, जिस पर फिलहाल किसी की नजर नहीं होती। उन्होंने कहा कि दिवाली तक राहत के आसार नहीं हैं। इस बीच बारिश की भी संभावना नहीं है। यदि हवा की गति बढ़ती है तो राहत मिल सकती है।

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पराली की घटनाओं में 39 फीसदी की कमी

वायु गुणवत्ता आयोग के मुताबिक हरियाणा में इस साल 15 सितंबर से 29 अक्तूबर के बीच पराली जलाने की 1094 घटनाएं दर्ज की गईं हैं। पिछले साल यह संख्या 1813 थी, जबकि 2021 में यह 2413 थी। बीते पिछले दो वर्षों की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में क्रमश: 39.7 और 54.7 फीसदी की कर्मी दर्ज की गई थी। 45 दिनों की अवधि में हरियाणा में एक दिन में आग लगने की सबसे ज्यादा घटनाएं 15 अक्तूबर को 127 दर्ज की गई हैं। इस अवधि में 24 अक्तूबर 2022 को 250 और 15 अक्तूबर 2021 को 363 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए थे।

किस जिले का कितना रहा एक्यूआई

जींद 416
झज्जर/बहादुरगढ़ 362
कैथल 332
भिवानी 330
रोहतक 314
करनाल 303
चरखी दादरी 275
कुरुक्षेत्र 271
नारनौल-महेंद्रगढ़ 209
हिसार 158
फतेहाबाद 157
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