सोशल मीडिया से दूरी और कोचिंग के अलावा घर पर 5-6 घंटे की पढ़ाई ने दिव्यांशु अग्रवाल को ऑल इंडिया टॉपर का रैंक दिलाया। इसके अलावा दिव्यांशु किसी भी एग्जाम के समय न केवल मोबाइल से दूरी बना लेते थे, बल्कि अपने दोस्तों से भी दूर हो जाते थे। मोबाइल का प्रयोग वे तभी करते थे, जब किसी प्रश्न में दिक्कत आने पर अपने टीचर को फोन करना पड़ता था। इन सबके अलावा परिवार में माता-पिता की सपोर्ट उसे भरपूर मिली। दिव्यांशु ने बताया कि उसके माता-पिता डॉक्टर हैं और उन्होंने कभी भी उस पर यह दबाव नहीं डाला कि वह डॉक्टर बने, बल्कि उन्होंने उसे अपना फील्ड चुनने के लिए हमेशा प्रेरित किया।
घर पर लगा बधाइयों का तांता
ऑल इंडिया टॉप करने पर शनिवार को दिव्यांशु के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। सुबह से ही रिश्तेदार और पड़ोसी घर पहुंचने लगे। उसके माता-पिता को मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। नागरिक अस्पताल में कार्यरत उनकी माता को स्टाफ सदस्य दिनभर बधाई देते रहे। दिव्यांशु को फोन पर भी काफी बधाइयां दी जाती रहीं।