नियुक्ति की मांग के लिए डटे चयनित करीब 150 जेबीटी अध्यापकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पिछले 20 दिन से विरोध दर्ज करा रहे जेबीटी को शांत करने की पुलिस ने काफी कोशिशें कीं। इसके प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा सदन के तीनों गेट बंद कर दिए, नतीजतन लोगों को दूसरे रास्ते या दीवार फांदकर जाना पड़ा। बावजूद इसके हालात शांत कराने की पुलिस की तमाम कोशिशें जब नाकाम होने लगीं तो पुलिस ने उन्हें खदेड़कर हिरासत में ले लिया।
मंगलवार को शाम से ही शिक्षा सदन के बाहर शिक्षक विरोध दर्ज करा रहे थे। लेकिन घेराव के कारण बाहर निकलने का रास्ता न मिलने से सदन के कर्मियों के साथ भी जेबीटी अध्यापकों की नोंकझोंक हुई। हालात न बिगड़े इसके लिए पुलिस ने शिक्षकों को हिरासत में ले लिया।
रविवार को भी जेबीटी अध्यापक चंडीगढ़ कूच करने निकले थे, लेकिन बॉर्डर पर उन्हें रोक लिया गया था। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, लेकिन जेबीटी अध्यापकों को आश्वासन मिलने के बाद भी उन्हें मंगलवार तक नियुक्ति पत्र न मिलने के बाद यह मामला और गरमा गया। इससे पहले भी शिक्षा सदन के बाहर एक जेबीटी मोबाइल टावर पर चढ़ गया था, जिसे नीचे उतारने के लिए पुलिस और प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।