हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत गेस्ट जेबीटी की नौकरी पर संकट गहरा गया है। सरकार एक सप्ताह में गेस्ट को हटाने पर निर्णय लेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा से हाईकोर्ट के जवाब तलब करने पर सरकार ने गेस्ट की सेवाएं समाप्त करने को लेकर कवायद शुरू कर दी है।
सभी चयनित जेबीटी को हाईकोर्ट केआदेशानुसार नियुक्ति देने के बाद शिक्षा विभाग सरप्लस पदों की समीक्षा करेगा। चयनित जेबीटी की भारी पैमाने पर नियुक्तियों के बाद अभी छह से सात जिलों में गेस्ट को सरप्लस माना जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर जल्दी ही एक हजार और शिक्षकों की नियुक्ति स्कूलों में होनी है। विभाग यह कार्य एक हफ्ते में पूरा कर हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेगा। अगर रेशनेलाइजेशन के अनुसार निर्धारित कुल पदों में से खाली पर गेस्ट को समायोजित किया जाता है तो किसी भी नौकरी नहीं जाएगी, चूंकि शिक्षक-छात्र अनुपात 1:25 तय किए जाने के बाद नौ हजार पद जेबीटी के नए बने हैं, जबकि चार हजार पहले से खाली चल रहे थे।
ऐसे में कुल खाली पदों की संख्या तेरह हजार बनती है। इसके विपरीत स्कूलों में अभी तक आठ हजार के आसपास ही चयनित जेबीटी की नियुक्ति हुई है। वैसे भी कोर्ट ने 9870 कुल स्वीकृत पदों में से 9816 पद ही भरने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में इस समय लगभग छह हजार गेस्ट जेबीटी कार्यरत हैं, और इनकी संख्या सबसे ज्यादा यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, मेवात और सिरसा जिलों में है।
नियमित भर्ती होने के बाद सेवाएं नहीं : दास
एसीएस स्कूल शिक्षा पीके दास ने कहा कि जिन जिलों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के बाद गेस्ट के पद सरप्लस हो जाएंगे, वहां उनकी सेवाएं नहीं ली जाएंगी। कोर्ट के आदेश नियमित नियुक्ति होने तक ही एडहॉक आधार पर गेस्ट की सेवाएं लेने के हैं। टीजीटी गेस्ट के लिए अभी राहत है, चूंकि इन पदों पर नियमित भर्ती नहीं हुई है।