चंडीगढ़। पीजीआई में तीन दिवसीय टेलीमेडिकोन-2024 कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार को एआई पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि इंटेलिजेंट मेडिसिन कैसे एआई स्वास्थ्य देखभाल के भविष्य को आकार दे रहा है। बंगलूरू की कंपनी ने नवजात बच्चों में पीलिया की जांच के लिए एक जनीत्री नामक अत्याधुनिक पोर्टेबल डिवाइस लॉन्च किया है। पहले बच्चों के पैरों पर सुई लगाए रक्त निकालने के बाद पीलिया की जांच की जाती थी परंतु इस डिवाइस से बिना खून निकाले और उनके माथे पर इस प्रोडक्ट को लगाकर सटीक जांच की जा सकती है। वर्चुअल हेल्थकेयर और एआई की भूमिका विषय हो रहे कार्यक्रम में देशभर से हेल्थकेयर और तकनीकी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। शुक्रवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन ड्रोन की मदद से पंचकूला से दवा मंगवाने की बात की गई परंतु किसी कारणवश ड्रोन के लिए इजाजत न मिलने पर नहीं उड़ाया गया। इस सम्मेलन का आयोजन टेलीमेडिसिन विभाग और टेलीमेडिसिन सोसाइटी ऑफ इंडिया चैप्टर ने मिलकर किया है। सम्मेलन के पहले सत्र का उद्घाटन डॉ. बीमन सैकिया, चेयरपर्सन ने किया। इसमें एआई इन हेल्थकेयर पर चर्चा की गई। इसमें यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील श्रॉफ ने ‘इंटेलिजेंट मेडिसिन कैसे एआई स्वास्थ्य देखभाल के भविष्य को आकार दे रहा है’ पर विस्तृत व्याख्यान दिया। इसके बाद डॉ. आलोक मोदी ने स्वास्थ्य देखभाल में एआई से जुड़े नैतिक पहलुओं और चुनौतियों पर चर्चा की गई। डॉ. किम आर. ने भी ऑफ्थैल्मोलॉजी में एआई के उपयोग विशेषकर डायबेटिक रेटिनोपैथी में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। सम्मेलन में टेलीमेडिसिन के विकास पर डॉ. मीना सिंह द्वारा एक विशेष सत्र हुआ, जिसमें डॉ. केके तलवार और डॉ. प्रेम नायर ने टेलीमेडिसिन की भूमिका और भविष्य पर अपने विचार साझा किए। अन्य सत्रों में टेलीमेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य प्रोत्साहन जीवनशैली प्रबंधन और स्वास्थ्य देखभाल में इसके प्रभाव पर चर्चा की गई। सम्मेलन के अंतिम सत्र में अंग प्रत्यारोपण में टेलीमेडिसिन के उपयोग और अगली पीढ़ी के डायग्नोस्टिक्स पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। यह सम्मेलन वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल में एआई और टेलीमेडिसिन के परिवर्तनकारी प्रभाव को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
डिवाइस से की गई जांच की सटीकता 98.5 प्रतिशत
नवजात बच्चों में जॉन्डिस की जांच के लिए एक जनीत्री नामक अत्याधुनिक पोर्टेबल डिवाइस है। यह डिवाइस में बिल्ट-इन डिजिटल स्क्रीन, ऑप्टिकल तकनीक, और ग्राफ डिस्प्ले जैसी सुविधाएं हैं। जांच में इस डिवाइस से की गई जांच की सटीकता 98.5 प्रतिशत आई है। यह डिवाइस मोबाइल ऐप के माध्यम से रिमोट डेटा एक्सेस भी प्रदान करता है, जिससे डॉक्टरों को कहीं से भी मरीज की स्थिति पर नज़र रखने का मौका मिलता है।