प्रदेश में जाटों को आरक्षण देने पर जहां भाजपा में विरोध के स्वर उठ रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता अजय यादव ने भी मूल ओबीसी के हितों पर इसे कुठाराघत बताया है। कुरुक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी ने साफ कहा है कि सरकार ने जाटों के दबाव में उन्हें आरक्षण दिया है। इससे साबित होता है कि हिंसा और आगजनी का सहारा लेकर कुछ भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट में हमारी आस्था बरकरार है और इस बिल को चैलेंजे करेंगे। उधर कैप्टन यादव ने भी जाट आरक्षण बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। अधिकतर जाट नेताओं ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है, लेकिन अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने क्लास वन और टू में आरक्षण कोटा कम बताते हुए तीन अप्रैल को दिल्ली में बैठक कर समीक्षा करने की बात कही है।
वहीं भाजपा के सांसद राजकुमार सैनी ने खुलेआम आरोप लगाते हुए कहा कि ओबीसी वर्ग के लिए मंगलवार काला दिन साबित हुआ है। प्रदेश सरकार ने जाट आरक्षण बिल पास कर इस वर्ग के साथ न केवल भेदभाव किया है बल्कि इस वर्ग को लूटने का कार्य किया है।
सरकार ने एक समाज के दबाव में आकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी सरेआम अवहेलना की है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय ओबीसी वर्ग किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं करेगा। प्रदेश सरकार ने पूर्व की सरकारों की तर्ज पर ओबीसी वर्ग को दबाने का प्रयास किया है, जिससे इस वर्ग में रोष बना है।
गन प्वाइंट पर दिया गया जाटों को आरक्षण: यादव
कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव ने जाट आरक्षण विधेयक का विरोध करते हुए इसे गन प्वाइंट पर लिया गया फैसला करार दिया। यादव ने कहा कि सरकार ने दबाव में आकर ओबीसी के हक को मारा है, इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। जाट आरक्षण बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
जाट आरक्षण बिल का स्वागत
उधर जाट आरक्षण बिल का जहां जाट नेताओं ने स्वागत किया है, वहीं क्लास वन और टू में दिए गए 6 फीसदी आरक्षण को लेकर वे संतुष्ट नहीं है। कुरुक्षेत्र में मंगलवार को आयोजित एक बैठक में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष यशपाल मलिक ने यह कहकर चौंका दिया कि सीएम किसी विशेष समुदाय के दबाव में काम कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने आरक्षण बिल का स्वागत किया है, लेकिन क्लास वन और टू में कम आरक्षण देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में 3 अप्रैल को इस बिल की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।
एक सुर में स्वागत, कुछ बदलाव की जरूरत
आरक्षण आंदोलन करने को गुटबाजी में बंटे जाट नेता व खाप मुखिया बिल पास होते ही एकजुट दिख रहे है। जाट संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष अशोक मदीना ने बताया कि सभी जाट नेता व खापों के मुखिया 31 मार्च को चंडीगढ़ में सीएम के आवास पर पहुंचेंगे, जिसके लिए पूरा कार्यक्रम बन चुका है। इसके लिए सीएम से बातचीत हो चुकी है और वहां सीएम का सम्मान किया जाएगा।
असमंजस की स्थिति
हरदीप अहलावत, 84 खाप प्रधान ने बताया कि सरकार ने आरक्षण को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। क्योंकि श्रेणी 3 व 4 में दस प्रतिशत आरक्षण देकर ठीक कर दिया है, लेकिन श्रेणी 1 व 2 के लिए छह प्रतिशत आरक्षण कम है। इसके लिए अभी बात की जाएगी और सरकार से उसे बढ़ाने के लिए कहा जाएगा।
सीएम का करेंगे स्वागत
अशोक मदीना, जाट नेता ने कहा कि सीएम ने जाटों से किया वादा पूरा कर दिया है और आरक्षण व्यवस्था से सभी संतुष्ट है। अब जाट समाज को किसी भी तरह से गुमराह होने की जरूरत है, क्योंकि आरक्षण व्यवस्था पूरी तरह से बेहतर है। इसलिए जाट समाज ने सीएम का सम्मान करने का फैसला लिया है।
अब केंद्र में आरक्षण के लिए होगी लड़ाई
डॉ. पवनजीत बनवाला, राष्ट्रीयध्यक्ष अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के मुताबिक जाटों को आरक्षण देने का सरकार का प्रयास स्वागत योग्य है, लेकिन अब सरकार को केंद्र में भी आरक्षण दिलवाने के लिए प्रयास करने चाहिए। जाट समुदाय के लोगों पर बने केस वापस हों और मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा व नौकरी दी जाए।