जसिया में रामपाल समर्थकों की उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से चले रहे धरनों के 21वें दिन शुक्रवार को रोहतक स्थित जसिया में जाटों के साथ ही रामपाल समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। देशद्रोह के केस में जेल में बंद रामपाल समर्थकों के धरने स्थल पर आने से सुरक्षा चाक चौबंद रही। धरनास्थल पर समिति की कार्यकारिणी की बैठक हुई, लेकिन बनाई गई रणनीति का खुलासा 19 फरवरी को किया जाएगा। उधर बलिदान दिवस की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट हो गया है। सुरक्षा जाब्ता मुस्तैद करने के साथ ही अधिकारियों को 24 घंटे ड्यूटी पर रहने को कहा गया है।
समिति की बैठक के बाद यशपाल मलिक ने बताया कि एडीजीपी मोहम्मद अकील के तत्काल बातचीत के प्रस्ताव को यह कहकर ठुकरा दिया कि अब 20 फरवरी को बातचीत हो सकती है। जाट नेता सरकार से बातचीत को तैयार हैं, लेकिन 19 फरवरी को पहले आंदोलन को नई धार दी जाएगी।
बैठक में बनाई रणनीति का खुलासा19 फरवरी को करेंगे। बैठक में प्रदेश में चल रहे प्रत्येक धरने से दो-दो सदस्यों को शामिल किया गया था। मलिक ने बताया कि मीटिंग में 29 जनवरी से अब तक चले आंदोलन और सरकार के रुख की समीक्षा की गई। साथ ही मांगों को पूरी करवाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएं, इस पर भी विचार विमर्श किया गया।
72 घंटे किसी अधिकारी का मोबाइल नहीं होगा स्विच ऑफ
जाट आरक्षण आंदोलन
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जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर अगले 72 घंटे तक किसी भी अधिकारी का मोबाइल स्विच ऑफ नहीं होगा। सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट के अवकाश रद्द रहेंगे। सभी को ऑन काल उपलब्ध रहने के आदेश दिए गए हैं।
19 को बलिदान दिवस के लिए हिसार में करीब 42 ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस अधिकारियों के साथ तैनात रहेंगे। एहतियात के तौर पर शहर के चौराहों, मार्केट में सीआरपीएफ को तैनात किया गया है। रामायण टोल प्लाजा के पास दिए जा रहे धरने पर रात के समय भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ फोर्स तैनात रहेगी। रोहतक में आईजी नवदीप विर्क ने रोहतक, सोनीपत, झज्जर, भिवानी और दादरी के पुलिस अधीक्षकों और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों की लघु सचिवालय में मीटिंग ली।
इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी स्थिति में सुरक्षाकर्मी अपने स्थान से ड्यूटी न छोड़ें। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर हर दिक्कत का बातचीत से समाधान निकालने का प्रयास करें। आईजी नवदीप सिंह विर्क ने बैठक में पुलिस अधिकारियों से कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनका पहला फर्ज है। किसी भी स्थिति में हालात नहीं बिगड़ने नहीं चाहिए।
मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध की तैयारी
जसिया में रामपाल समर्थकों की उमड़ी भीड़
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रामपाल के साथ गलत हुआ, आर्य समाज से मतभेद होंगे दूर : मलिक
जसिया धरने पर हजारों रामपाल समर्थक पहुंचे और अपना समर्थन दिया। बदले में धन्यवाद करते हुए मलिक ने कहा कि जींद के इक्कस और कैथल के बाद रामपाल समर्थकों ने जसिया आकर समर्थन दिया है। समय आने पर जाट समाज भी रामपाल का साथ देगा। उम्मीद है जल्द रामपाल जेल से बाहर आएंगे। आंदोलन के बाद आर्य समाज और रामपाल समर्थकों के बीच के मतभेदों को दूर करवाया जाएगा।
मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध की तैयारी
हालात बिगड़ने की आशंका होने पर प्रशासन की ओर से मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके लिए प्रशासन की ओर से तैयारी की गई है।