हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के जो मामले दर्ज हुए थे, उनमें बड़े पैमाने पर अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल होने पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई है। वीरवार को हाईकोर्ट को बताया गया कि अब इन मामलों की जांच के लिए कोर्ट के आदेशों के तहत हिसार रेंज के आईजी अमिताभ ढिल्लों की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है।
वीरवार को अमिताभ ढिल्लों ने हाई कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि इस मामले में एसपी हिसार मनीषा चौधरी, एसपी भिवानी सुरिंदर सिंह, एसपी सिरसा आश्विन शैणवी और एसपी हंासी प्रतीक्षा गोदारा को एसआईटी की जांच टीम में रखा गया है। इन सदस्यों की 27 सितंबर को बैठक हुई, जिसमें अनट्रेस रिपोर्ट की जांच के लिए दिशा तय की गई है। 1105 अनट्रेस रिपोर्ट्स को इन चार एसपी में बांट दिया गया है और सबसे महत्वपूर्ण और गंभीर 25-25 मामलों की चारों एसपी प्राथमिकता के आधार पर जांच करेंगे।
सभी सबूतों, जिसमें कंट्रोल रूम में घटना के दिन कॉल सहित वीडिओ, मोबाइल फोंस, कॉल रिकार्ड्स आदि की जांच होगी और साइबर सेल की भी मदद ली जाएगी। इस दौरान मूनक कनाल के मामले में सीबीआई की जांच रिपोर्ट पहुंची जिसे हाईकोर्ट ने फिलहाल सीलबंद रखते हुए पूरे केस का अध्ययन करने के बाद अगली सुनवाई पर देखने का फैसला लिया।