जाट आरक्षण के मामले पर हरियाणा सरकार की ओर से दिए गए 31 मार्च तक के आश्वासन दिए जाने पर भी रार शुरू हो गई है। अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा ने कुछ जाट नेताओं को तथाकथित बताते हुए भडकाऊ बयानबाजी के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक राठी ने जारी बयान में बताया कि कुछ जाट नेताओं ने सरकार के साथ मिलकर 31 मार्च तक अल्टीमेटम दे दिया है। महासभा इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है।
तथाकथित जाट नेता समाज को बेवकूफ बना रहे हैं। अपनी महत्वकाक्षाओं को पूरा करने के लिए समाज को मोहरा बनाया जा रहा है। पहले 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया और अब 31 मार्च तक का।
25 सदस्यीय समिति गठित
उधर, जाट आरक्षण संघर्ष संचालन समिति की भी रविवार को बैठक हुई। समिति के मेजर मेहर सिंह ने बताया कि सर्व सम्मति से रोहतक व झज्जर जिले की 25 सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। यह समिति प्रशासन के संपर्क में रहेगी और पीड़ितों की मदद के लिए काम करेगी।