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जाट आंदोलन का दूसरा दिन: 13 जिलों में धरना, आवाजाही चालू

Tue, 07 Jun 2016 09:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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आरक्षण के ल‌िए जाट आंदोलन शुरू - फोटो : amar ujala
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हरियाणा में आरक्षण के लिए उग्र हिंसक आंदोलन के तीन महीने बाद एक बार फिर जाट समुदाय के लोग मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। खास बात यह है कि इस बार कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदेश के 13 जिलों में जाटों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन का बिगुल फूंका है। रविवार को शुरू हुए आंदोलन में कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा।
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गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने बताया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। लोगों की ओर से निर्धारित स्थानों पर ही धरना दिया गया। धरना प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने संबंधित उपायुक्त को ज्ञापन सौंपे। शाम होते-होते कुछ स्थानों पर धरना समाप्त कर दिया गया। 40 डिग्री से अधिक तापमान और पुलिस-प्रशासन की चुस्ती के कारण कई जगहों पर लोगों की मामूली भीड़ जुटी। रोहतक, सोनीपत समेत कई संवेदनशील जिलों में इंटरनेट सेवाएं भी बंद रहीं। कई संवेदनशील जिलों में सभी सरकारी विभागों के कर्मचारियों की छुट्टियां 10 जून तक रद्द कर दी हैं और पहले से छुट्टी पर गए कर्मचारियों को भी वापस बुला लिया गया है।

पिछली बार आंदोलन का केंद्र रहे रोहतक में इस बार जसिया चौक पर हाईवे किनारे कड़ी सुरक्षा के बीच अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की अगुवाई में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ। धरना स्थल पर 1500 से दो हजार लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं को चेताया कि धरने को समर्थन दें नहीं तो सभी का बहिष्कार कर बसपा सुप्रीमो मायावती को समर्थन देंगे। धरना स्थल पर मायावती जिंदाबाद के नारे भी लगे। जसिया में बगैर इजाजत के धरना देने वाले जाट नेताओं, पूर्व सरपंच समेत 64 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। डीसी अतुल कुमार की ओर से नोटिस भेजने के बावजूद टेंट नहीं हटाने पर सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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संगीनों के साये में धरना

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की तैयारियां पूरी - फोटो : अमर उजाला
भिवानी में दो स्थानों पर जाट समुदाय के लोगों ने संगीनों के साये में धरना दिया। जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थान के बजाय लोगों ने धनाना गांव की धर्मशाला में धरना दिया। उधर, चरखी दादरी में प्रशासन के निर्धारित स्थान पर जाट बिरादरी के लोगों ने शांतिपूर्वक धरना दिया।

धनाना में बमुश्किल 60-70 लोग और चरखी दादरी में 40 से कम लोगों ने धरना दिया। धनाना धर्मशाला में धरना शुरू करने के कुछ समय बाद लोगों की उस समय डीएसपी से तीखी नोकझोंक हुई, जब डीएसपी ने लोगों को धर्मशाला में धरना न देने का कहा। डीएसपी ने कहा कि प्रशासन ने धरने के लिए कौंट रोड संजय कॉलेज के पास जगह मुकर्रर की है, केवल वहीं धरना दिया जा सकता है। पांच घंटे तक धरना देने के बाद जाट नेताओं ने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देकर धरना खत्म कर दिया।

हिसार में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति सदस्यों को प्रशासन ने मय्यड़ में हाईवे के पास धरने पर नहीं बैठने दिया। साढ़े 11 बजे तक जाट आंदोलनकारी धरनास्थल के लिए जगह ही तलाशते रहे। प्रशासन ने उन्हें हाईवे से 500 मीटर दूर मय्यड़ गांव के स्टेडियम में धरना लगाने की अनुमति दी। करीब 150 आंदोलनकारी रामभगत मलिक की अध्यक्षता में स्टेडियम के हाल में धरना लगाकर बैठे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शाम पांच बजे अधिकतर आंदोलनकारी वापस लौट गए।

सोनीपत में लघु सचिवालय की पुरानी इमारत के सामने वाले पार्क में जाटों ने धरना शुरू किया गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में विशेष रूप से खाप के साथ न आने पर नाराजगी जताई। समिति जिलाध्यक्ष राजेश दहिया ने बताया कि सोमवार से धरनास्थल पर क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। एहतियात बरतते हुए प्रशासन ने नहर, जीटी रोड और गोहाना में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखी। विशेषतौर पर जिन जगहों पर पिछली बार जाम या उपद्रव हुआ था, वहां अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी रही।

25-30 लोग धरने पर बैठे

जाट आंदोलन - फोटो : amar ujala
पानीपत में मतलौडा कस्बे के भालसी रोड पर 25-30 लोग धरने पर बैठे। इससे पहले धरनारत जाटों ने हवन में आहुति डालकर शांति और सरकार की सद्बुद्धि की प्रार्थना की। जींद में झांझा गांव के पास धरना शुरू हुआ। सुबह करीब 11 बजे तक धरने पर 300 से अधिक लोग पहुंचे। वहीं, झज्जर में सेक्टर 9 के मैदान में जाट समुदाय के करीब 40 लोगों ने सुरेश फौगाट की अगुवाई में शांतिपूर्वक धरना दिया। कुरुक्षेत्र में जैनपुर जाटान में बरगद के पेड़ के नीचे रविवार को जाट समुदाय का धरना शुरू हुआ। पहले दिन धरने पर करीब 60 लोग बैठे।
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सरकार की सलाह
गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने लोगों को सलाह दी है कि प्रदेश में गर्मी पड़ रही है और ऐसी स्थिति में धरना प्रदर्शन कर रहा कोई भी बुजुर्ग या व्यक्ति बीमार न हो, इसलिए वे संबंधित अधिकारी को अपना ज्ञापन दें और धरना समाप्त करें। राज्य सरकार इस मुद्दे पर सहानुभूति पूर्वक कार्रवाई कर रही है। राज्य सरकार न्यायालय में भी केस की पुरजोर पैरवी कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हरियाणा एक शांतिप्रिय व विकासशील प्रदेश है। हम सभी को मिलकर यहां के भाईचारे को बरकरार रखना है।
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13 जिलों में धरना
रोहतक, झज्जर, सोनीपत, हिसार, जींद, कैथल, अंबाला, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, भिवानी, रेवाड़ी, फतेहाबाद
8 जिलों में धरना नहीं
गुड़गांव, पलवल, मेवात, फरीदाबाद, सिरसा, महेंद्रगढ़-नारनौल, यमुनानगर, पंचकुला
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केस दर्ज होने पर पुलिस और फौज में नहीं मिलेगी नौकरी

jat agitation - फोटो : अमर उजाला
राज्य सरकार ने युवाओं से कहा है कि अगर आंदोलन के दौरान उन पर केस दर्ज हुआ तो उनको पुलिस और फौज में नौकरी नहीं मिलेगी। सरकार जल्द ही पुलिस विभाग में 10 हजार भर्तियां निकालने जा रही है। इस भर्ती के लिए केवल वही युवा आवेदन कर सकेंगे, जिन पर कोई मुकदमा नहीं होगा। इस तरह नौकरी के बहाने युवाओं को आंदोलन से दूर करने की रणनीति बनाई गई है। इसी के तहत आंदोलन में अग्रणी रहने वाले युवाओं की थानों में लिस्ट तैयार की जा रही है।

दलाल खाप ने की असहयोग आंदोलन की घोषणा
बहादुरगढ़। जाट समुदाय को आरक्षण मिलने की पक्की व्यवस्था होने और समाज की अन्य मांगें न माने जाने तक दलाल खाप-84 ने महात्मा गांधी की तरह अहिंसात्मक असहयोग आंदोलन चलाने की घोषणा की है। इस दौरान तमाम सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं का बहिष्कार किया जाएगा।
यह घोषणा रविवार को गांव मांडोठी में हुई खाप की पंचायत में की गई। जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद दलाल खाप-84 की बैठक प्रधान भूप सिंह दलाल की अध्यक्षता में गांव मांडोठी स्थित दादा सीताराम मंदिर परिसर में हुई।
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