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जाट आंदोलन: जगह और वक्त तय, आज पानीपत में होगी बातचीत

Sat, 11 Feb 2017 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा की खट्टर सरकार ने भाजपा हाईकमान के बढ़ते दबाव के चलते 13 दिन से चले आ रहे जाट आंदोलन को खत्म कराने की तैयारी कर ली है। सरकार जाटों की सभी जायज मांगें मानने को लगभग राजी है। शनिवार सुबह साढ़े दस बजे से पानीपत में इंडियन ऑयल रिफाइनरी के गेस्ट हाउस में सरकार की पांच सदस्यीय समिति जाटों के साथ मांगों पर वार्ता करेगी। सरकार की समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव डीएस ढेसी करेंगे, जबकि जाटों का नेतृत्व अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक करने वाले हैं।
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 वार्ता में 19 जिलों में चल रहे धरनों से पांच-पांच जाट नेताओं के साथ ही समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को दिन भर सचिवालय में पांच सदस्यीय कमेटी ने मुख्य सचिव डीएस ढेसी की मौजूदगी में जाटों की मांगों पर मंथन किया और पूरी की जाने वाली मांगों पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मंजूरी ली। सरकार बीते वर्ष जाट आंदोलन के दौरान दर्ज जघन्य अपराध के 11 और 21 सीबीआई केसों को छोड़कर बाकी मामले वापस लेने को तैयार है। साथ ही आंदोलन के दौरान मारे गए 31 युवाओं के परिवार से एक-एक आश्रित को पक्की नौकरी दी जाएगी।

बीते साल आंदोलनकारियों पर 2200 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें से 1305 पहले ही वापस हो चुके हैैं। सरकार के रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि आंदोलन पर जल्दी विराम लग सकता है। आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने से जेलों में बंद लोगों के बाहर आने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। बावजूद इसके कुछ मांगें ऐसी हैं, अगर उन पर मलिक गुट अड़ गया तो गतिरोध बरकरार रह सकता है।
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इन मांगों पर फंस सकता पेंच

यशपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
इन मांगों पर फंस सकता पेंच
. भाजपा सांसद राजकुमार सैनी पर कार्रवाई। भाजपा सरकार का तर्क पार्टी हाईकमान से करेंगे सिफारिश
. झूठे मुकदमे दर्ज करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई। सरकार के पास भरोसा देने का ही विकल्प

इन मांगों पर जाट सहमत
. हाईकोर्ट में जाट आरक्षण पर लगी रोक हटवाने के लिए सरकार मजबूत पैरवी करेगी
.जाट आरक्षण पर लगी रोक हटने के बाद संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा
. घायलों का निशुल्क इलाज व मुआवजा

ये कमेटी करेगी जाटों से वार्ता
मुख्य सचिव डीएस ढेसी, गृह सचिव रामनिवास, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह, आईएएस बृजेंद्र सिंह और एडीजीपी कानून एवं व्यवस्था मोहम्मद अकील।
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खट्टर के संपर्क में मोदी और शाह

Jat reservation - फोटो : अमर उजाला
खट्टर के संपर्क में मोदी और शाह
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सरकार बनाने के लिए भाजपा हाईकमान कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। जाटों की नाराजगी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पार्टी नहीं झेलना चाहती। इसलिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जाट आंदोलन खत्म कराने के लिए दबाव बनाया हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पूरा फीडबैक सीएम से ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश में शनिवार को पहले चरण का मतदान है, जिसे देखते हुए सरकार शनिवार को हर हाल में दोपहर से पहले आंदोलन निपटाने की कोशिश करेगी।

सभी पक्षों को बुलाया : रामनिवास
हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने बताया कि बातचीत का मसौदा तैयार है। मुख्य सचिव के नेतृत्व में गठित कमेटी की बैठक में सभी मुद्दों पर  चर्चा हुई है। शनिवार को सभी पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया गया है।

मांगों में कोई फेरबदल नहीं : मलिक
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि उनकी मांगें पुरानी ही हैं। उनके पूरी होने पर ही आंदोलन खत्म होगा। उन्हें आश्वासन नहीं रिजल्ट चाहिए। वे खुले मन के साथ वार्ता में जाएंगे। सरकार भी पूरी तैयारी के साथ आए।
 
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