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युवा जाट नेताओं ने नकारा जाट आरक्षण बिल, राहुल गांधी से मिलेंगे

Thu, 31 Mar 2016 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक।
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जाट आरक्षण पर बैठक करते युवा। - फोटो : अमर उजाला
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भले ही सरकार ने जाट आरक्षण विधेयक को विधानसभा में पास कर दिया हो, लेकिन जाट नेताओं के सुर अभी भी अलग-अलग हैं। कोई आरक्षण का खुलकर विरोध कर रहा है तो कोई असमंजस की स्थिति में है। मंगलवार को सेक्टर एक में युवा जाट एकता मंच की बैठक हुई। मंच संयोजक नवीन मलिक, सतीश राणा और विनीत धनखड़ के नेतृत्व में हुई बैठक में जाट आरक्षण विधेयक पर विरोध प्रकट किया गया।
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मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि यह विधेयक सरकार द्वारा लाये गए विधेयक की ही फोटो कॉपी है। बस इसका नाम एसबीसी से बदलकर बीसी-सी कर दिया गया है। कहा कि इस विधेयक में केसी गुप्ता कमेटी की सिफारिश को आधार बनाया गया है, जोकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही रिजेक्ट कर दिया गया था। कहा कि जिस विधेयक को पास किया गया है उसे भाजपा सांसद ही सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करने की बात कर रहे हैं। ऐसे में जाट समुदाय ही क्यों इस विधेयक पर विश्वास करें। निर्णय हुआ कि इस मामले में जल्द ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात कर इस मुद्दे पर कांग्रेस का रुख देखा जाएगा। इससे पूर्व बुधवार को प्रदेश स्तरीय कौर कमेटी की बैठक भी की जाएगी। इस मौके पर सोनू माल, जगजीत हुड्डा और विकास आदि मौजूद रहे।

वहीं जाट भवन में जाट समिति की बैठक हुई। इसमें जाट आरक्षण विधेयक पर विरोध जताया गया। बैठक में सर्वसम्मति से पक्ष और विपक्ष की राजनीतिक पार्टीयों के नेताओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। साथ ही आगामी आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा हुई। इस मौके पर संरक्षक राजमल हुड्डा, विजयदीप, महेंद्र नांदल, राजेश, अजय मलिक, धर्मजीत, विकास काजल, संजय और वीरेंद्र हुड्डा आदि मौजूद रहे।
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इसके अलावा जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने भी इस पर कड़ा विरोध जताया है। प्रधान दिलावर सिंह ने कहा कि इतने लोगों की जान गंवाने के बाद भी सरकार ने जाट समाज के खिलाफ यह षडयंत्र रचा है, जिससे समाज में रोष है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर कृष्ण लाल हुड्डा, जुगनू नांदल, अमित, सत्यपाल, सुरेश, सोमबीर, अनिल, मनोज और नीटू आदि मौजूद रहे।

उधर, नांदल भवन में भी खाप प्रतिनिधियों की बैठक हुई। आरक्षण को लेकर खाप प्रतिनिधियों में असमंजस की स्थिति सामने आयी है। फिलहाल खाप प्रतिनिधि आगामी रणनीति पर विचार नहीं कर सके। 84 खाप प्रधान हरदीप अहलावत ने बताया कि सरकार ने क्लॉस वन और टू में कम हिस्सा दिया है। समाज के लोगों से बातचीत के बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा। अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। बैठक में नांदल खाप प्रधान महेंद्र सिंह नांदल, हुड्डा खाप प्रधान धर्मपाल हुड आदि मौजूद रहे।

10 दिन तक जला प्रदेश
आरक्षण के लिए जाटों ने 12 फरवरी को मय्यड़ में रेलवे ट्रैक रोककर आंदोलन की शुरुआत की थी। इसके बाद 14 फरवरी को सांपला में एनएच 10 पर धरना लगाया गया। इसके बाद से आंदोलन रोहतक, हिसार,जींद, झज्जर, सोनीपत, कैथल, भिवानी सहित अन्य जिलों में फैला। 19 फरवरी को रोहतक से उपद्रव की शुरुआत हुई और देखते ही देखते पूरा प्रदेश हिंसा की आग में जल उठा। हिंसा में 30 लोगों की जान गई और 300 से अधिक घायल हुए। उपद्रवियों ने 34 हजार करोड़ से अधिक की सरकारी और निजी संपत्ति का नुकसान किया।
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