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जाट आंदोलनः सिरसा में NH9 जाम किया, गांवों का संपर्क टूटा

Sun, 21 Feb 2016 04:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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आरक्षण की मांग को लेकर सिरसा में भी बवाल हो गया है। जाटों ने एनएच9 पर जाम लगाते हुए आवाजाही ठप कर दी। जिले के कई इलाको में जाम लगा है। कई गाँवो का शहर से संपर्क टूट गया है।
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सिरसा से पंजाब को जोड़ने वाला NH -9 पर गांव खेरेकां के पास जाटों ने जाम लगाया है। सिरसा से ऐलनाबाद जाने वाले रास्ते पर गांव माधोसिंघाना के पास जाम लगाया गया है। सिरसा से राजस्थान के भादरा को जोड़ने वाले रास्ते पर गांव नेजीआ के पास जाम लगाया गया है।

जाट आंदोलन के कारण सबसे ज्यादा रोहतक के हालात बिगड़े हुए हैं। यहां उपद्रवियों ने पुलिस चौकी को फूंक दिया। बाजार में भी कई जगहों पर आग लगा दी। रोहतक में सेना की एक ही टुकड़ी डटी है। और सेना को जाने नहीं दिया जा रहा है।
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हिसार में लोगों ने सड़क खोद कर हाइवे जाम कर दिया। सेना आगे नहीं जा पा रही है। झज्जर में आज सेवेर काफी आगजनी हुई। भिवानी में बैंक जला दिया गया। गुड़गांव में एक रेलवे स्टेशन फूंक दिया।

सेना के 2000 और जवान हालात काबू करने को भेजे गए हैं। सोनीपत में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन जलाया। नांगल चौधरी में बाजार बंद करवा कर दहशत फैलाने की कोशिश की गई। गैर जाटों को एकजुट होते देख पुलिस ने तुरन्त स्थिति संभाली और जाट नेताओं से मिलकर दिए शांति बनाए रखने के निर्देश।

पुलिस ने दुकानदारों से वापस दुकान खोलने की अपील करने पर दुकानदारों ने पुन: खोली दुकानें। दिल्ली-झुंझुनूं मुख्य राजमार्ग पर नारनौल के समीप गहली चौक पर जाट आरक्षण की मांग पर बैठे आंदोलनकारियों को समझाने के लिए पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी दलबल सहित मौके पर पहुंचे। घरौंडा में 36 बिरादरी के बैनर तले जाट युवकों ने निकाला जुलूस।

जाटों से सड़कों और ट्रैक से हटने की अपील की

डीजीपी यशपाल सिंघल ने आज प्रेस कांफ्रेंस करके प्रदेश के हालातों की जानकारी दी और जाटों से अपील की कि वे सड़कों और रेलवे ट्रैक से हट जाएं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने को कहा। हिंसा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। 45 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और 191 के खिलाफ मामला दर्ज है।

डीजीपी ने कहा कि सरकार बात करने को तैयार है, लेकिन इसके लिए जाट नेताओं को सहयोग करना होगा। डीजीपी ने बताया कि प्रदेश में हालात नाजुक हैं, लेकिन रात से किसी की मौत की खबर नहीं है। झज्जर और रोहतक में भारी संख्या में सेना बल तैनात है। जल्दी ही हालातों पर काबू पा लिया जाएगा।

डीजीपी ने कहा कि दिल्ली के लिए पानी की समस्या खड़ी हो गई है, लेकिन इसका समाधान करना हमारी प्राथ‌मिकता है और जल्दी ही पानी उपलब्‍ध हो जाएगा। हाइवे को खुलवाने की कोशिश की जा रही है। शाम तक दिल्ली को पानी उपलब्‍ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

डीजीपी ने दावा किया कि दिन के मुकाबले कल रात शांति बनी रही। अभी ज्यादा सेना और असले की जरूरत नहीं है। हालातों पर काबू पाने की को‌शिश की जा रही है। जींद में कर्फ्यू में शाम तक ढील दी गई है। जल्द ही हालात सुधर जाएंगे, बस जनता सहयोग करती रहे।

मामले को लेकर सरकार कल बनाएगी कमेटी

हरियाणा में जाट आंदोलन की आग बढ़ती ही जा रही है। 6 जिलों में कर्फ्यू लगा है, अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। सेना की 33 टुकड़ियां मोर्चे पर डटी हैं। एनएच 10 और एनएच 1 परी आवाजाही ठप हैं। हजारों लोग फंसे हुए हैं। हरियाणा से आने-जाने वाली 800 ट्रेनें रद्द हैं।

दिल्ली-अंबाला ट्रैक पर जाटों ने कब्जा कर रखा है। सड़कें और रेल यातायात ठप है। लोगों स्टेशनों पर फंसे हैं। वैष्‍णो देवी गए लोग भी फंस गए हैं। अधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों के घरों में आगजनी की जा रही है। जगह-जगह पर लोग दुकानों, वाहनों और शोरूमों में आग लगाई जा रही है। करीब 9 जिलों ने सेना तैनात है, बावजूद इसके उपद्रव मचाया जा रहा है।

इस सब हालातों को सुधारने में सीएम खट्टर सरकार अब तक फेल ही रही है। जाट नेताओं से बातचीत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं सरकार मामले को लेकर कल कमेटी गठित करेगी। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी उच्चस्तरीय बैठक कर हालातों की जानकारी ली। दूसरी ओर, दिल्ली में जंतर-मंतर पर जाट नेता विरोध प्रदर्शन करेंगे। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा जाट आंदोलन को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

सरकार दो दिन में ला सकती है अध्यादेश

जाट आंदोलन को जल्द से जल्द समाप्त कराने के लिए हरियाणा सरकार एक-दो दिन में ही आरक्षण संबंधी अध्यादेश जारी कर सकती है। प्रदेश में बीते दो दिन में उग्र हुए आंदोलन के दौरान करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाह होने का अनुमान लगाया गया है।

सरकार ने नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार ने जाटों को आरक्षण दिए जाने पर पहले ही सहमति जता दी है, लेकिन विभिन्न जिलों में प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को साफ कर दिया कि जब तक सरकार आरक्षण संबंधी अध्यादेश जारी नहीं कर देती, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य में शांति बहाली की है और इसके लिए आरक्षण संबंधी अध्यादेश को तुरंत लाए जाने पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया गया है। हालांकि, सरकार ने घोषणा की थी कि विस के आगामी बजट सत्र में लाया जाएगा।

दिल्ली डिवीजन के आठ रेलवे स्टेशनों पर आगजनी

जाट आरक्षण को लेकर हरियाणा में उग्र और हिंसक प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अब रेलवे स्टेशनों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अब तक प्रदेश के आठ रेलवे स्टेशन आंदोलनकारियों का निशान बन चुके हैं। इन रेलवे स्टेशनों पर आगजनी की घटना हुई है। इसमें रेलवे के अधिकारियों के दफ्तरों को भी नुकसान पहुंचा है।

शनिवार शाम तक राजलु गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर भी करीब दो हजार आंदोलनकारी डटे रहे। हालांकि हालात को काबू करने के लिए जीआरपी की टीमें रेलवे स्टेशनों पर मुस्तैद हैं। जीआरपी के आईजी पीएस अहलावत ने बताया कि शनिवार को पूरे दिन राजलु गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर करीब दो हजार लोग प्रदर्शन करते रहे।

इस दौरान उन्हें वहां से हटाने के प्रयास किए गए, लेकिन न हटने पर उन्हें शांति बनाए रखने की हिदायत दी गई। रेलवे की ओर से सभी रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता कर दिया गया है। रेलवे के सीपीआरओ (चीफ पब्लिक रिलेशन अफसर) नीरज कुमार के मुताबिक दिल्ली डिवीजन के कुल आठ रेलवे स्टेशनों पर आंदोलनकारियों ने आगजनी की है। इनमें झज्जर, बुढा खेड़ा, दीघल, जुलाना, पिलुखेड़ा, उचाना, किनाना और मछरौली के नाम शामिल हैं।

रोडवेज को एक दिन में करोड़ों का झटका

हरियाणा में जाट आरक्षण को लेकर उग्र आंदोलन के कारण शनिवार तक महज 24 घंटे के अंदर हरियाणा रोडवेज को करीब तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने रोहतक सहित अन्य जिलों में हरियाणा रोडवेज की एक दर्जन से अधिक बसों को फूंक दिया। उपद्रव की वजह से ही राजधानी चंडीगढ़ से प्रदेश के अलग-अलग रूटों पर चलने वाली करीब 600 बसों का संचालन ठप हो गया है।

ऐसे में हरियाणा रोडवेज को यात्री किराये के मद में भी एक करोड़ से अधिक का झटका लगने की आशंका है। रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि अगर हालात जल्द काबू नहीं हुए तो मुसाफिरों की परेशानियां बढ़ने के साथ-साथ रोडवेज के नुकसान का आंकड़ा भी और बढ़ेगा। हरियाणा रोडवेज की छह सौ से अधिक बसें हरियाणा, दिल्ली सहित दूसरे प्रदेशों की रूटों पर दौड़ती हैं।

बसों को आग लगाने की घटना से हरियाणा रोडवेज को सबसे ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ा है। हरियाणा रोडवेज के डीजी आरसी विडान के मुताबिक उपद्रवियों ने करीब आधा दर्जन बसों को अलग-अलग जगहों पर आग के हवाले कर दिया। एहतियात के तौर पर शनिवार को अंबाला तक ही कुछ बसों का संचालन संभव हो सका।

जबकि दिल्ली, पानीपत, रोहतक, बहादुरगढ़, झज्जर, गुड़गांव, सोनीपत सहित अन्य शहरों को जाने वाली बसों का संचालन नहीं किया गया। इस बीच करीब 32 वोल्वो बसों का भी संचालन ठप रहा। हालात में सुधार होने के बाद ही बसों का संचालन किया जा सकता है।
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सीएम की अपील अनसुनी आंदोलन पर अड़े जाट

हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर जारी जाट आंदोलन खत्म कराने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को फिर से अपील की, लेकिन विभिन्न जाट नेताओं ने अपील को अनसुना कर आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने एक बयान जारी कर अपील की कि सरकार ने मांगें मान ली हैं, इसलिए आंदोलन खत्म कर सभी लोग अपने घरों को लौट जाएं।

उधर, जाट नेताओं ने कहा है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार जाट समुदाय को ओबीसी में शामिल करने संबंधी अध्यादेश की घोषणा नहीं कर देती। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जब तक सरकार जाटों को आरक्षण दिए जाने का अध्यादेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन को समाप्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की मुंह जुबानी बयान मंजूर नहीं है। प्रदेश सरकार पहले अध्यादेश लाए। मलिक ने सरकार से मांग की कि रोहतक में फायरिंग में मारे गए आंदोलनकारी युवक के परिजनों को 50 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाए और उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। आरोप लगाया कि आगजनी व हिंसा फैला रहे लोग जाट नहीं बल्कि भाजपा के वर्कर हैं।
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