जाट आंदोलन के चलते प्रदेश के बिगड़ते हालातों को देखते हुए इनेलो ने राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने बयान जारी कर राष्ट्रपति से यह मांग की है।
चौटाला ने कहा कि रोहतक, भिवानी व कलायत में भाजपा नेताओं ने अराजकता फैलाई है। मौजूदा हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं प्रदेश सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की जनता और जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन करने वालों से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने आंदोलन को उग्र करने के लिए रोहतक व भिवानी में चिंगारी लगाने का काम किया। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस ने पिछले चुनाव में जाटों के वोट हासिल करने के लिए आधे अधूरे तरीके से आरक्षण लागू किया और फिर भाजपा ने ठीक से पैरवी नहीं की।
इससे पहले भी भाजपा नेता बिरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु व सुभाष बराला ने पहले जाटों को आरक्षण दिलाने के नाम पर सीएम और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करवाई। इस दौरान नेताओं ने आश्वासन दिया कि भाजपा जाटों को आरक्षण देने की पक्षधर है।
इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता प्रवीन आत्रेय ने कहा कि जाटों को आरक्षण देने की बजाय कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार सैनी सहित अन्य कुछ नेताओं ने अभद्र भाषा का प्रयोग कर, बार-बार जाति विशेष को निशाना बनाया, जिससे पूरे प्रदेश में माहौल बिगड़ने लगा। भाजपा को ऐसे बयान देने वालों को रोकना चाहिए।