हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान सोनीपत के मुरथल में एनएच वन पर कथित सामूहिक दुष्कर्म की सच्चाई जो भी हो लेकिन क्षेत्र में मोर्चा संभाल रही सैन्य टुकड़ी के कॉलम कमांडर की रिपोर्ट देखें तो, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इलाके में आंदोलनकारी नशे में धुत होकर हर सीमा लांघने पर उतारू थे। खुद सेना ने वहां एक मॉल के बेसमेंट में फंसी आठ महिलाओं की आबरू बचाई थी।
अंबाला में सेना की ओर से तैयार की जा रही आंदोलन की स्टे्टस रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि मुरथल में आंदोलन के दौरान जमकर उपद्रव हुआ। नशे में धुत उपद्रवी किसी भी घिनौने काम को अंजाम देने के लिए तैयार थे।
सेना ने खुलासा किया है कि जवानों ने मुरथल के ही एक मॉल के बेसमेंट में फंसी आठ महिलाओं की आबरू नियंत्रण से बाहर हो रहे उपद्रवियों से बचाई थी। इन महिलाओं ने उपद्रवियों के कहर से बचने के लिए खुद को और अपने बच्चों को मॉल में बने आउटलेट के बेसमेंट में कैद कर लिया था।
इन्हें बेसमेंट में जाते हुए कुछ उपद्रवियों ने देख लिया था। इसके बाद उन्होंने अपने साथियों को भी वहां बुला लिया। वहां शराब पीने के बाद वे सभी बेसमेंट में जाने की तैयारी कर रहे थे।