जाट भवन में जुटे जाटों ने सरकार और पुलिस-प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान विभागीय जांच के घेरे में आए 37 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप हैं। दंगा रोकने के लिए भेजे गए पुलिस अधिकारी व कर्मचारी बस से भी नीचे नहीं उतरे। बस से नीचे न उतरने के मामले को लेकर उच्च अधिकारियों ने इनके खिलाफ जांच खोली थी।
बताया गया है कि टीम लीडर उन्हें आदेश देता रहा मगर वे सभी बस से भी नीचे नहीं उतरे थे। पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि इनमें से अधिकतर पुलिस कर्मचारी व अधिकारी एक विशेष जाति समुदाय से हैं। पुलिस प्रशासन इसी के चलते इनमें नाम भी सार्वजनिक नहीं कर रहा।
जिन पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है वे एक बस में ही थे। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों के आदेश माने थे। वे बस से नीचे भी उतरे थे और ठीक ढंग से ड्यूटी की। उन्होंने यह तक दावा किया है कि बस से नीचे उतरने की भी लोगों के पास वीडियो है।
जांच में तस्वीर एकदम साफ हो जाएगी। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने वाले 4 एसआई व 2 महिला कांस्टेबल सहित कुल 37 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी जांच के घेरे में आए थे। मामले की डीएसपी जांच कर रहे हैं। आईजी अनिल कुमार राव ने इस मामले को लेकर रिपोर्ट तलब की थी।