अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने एक बार फिर दी आंदोलन की चेतावनी। दरअसल मलिक ने कहा कि आरक्षण से ज्यादा जाटों ने सम्मान की लड़ाई लड़ी है। जिन लोगों ने समाज के लिए अपनी जान दी है उनकी शहादत को भुलाया नहीं जा सकता है।
सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वार्ता के बाद धरने स्थगित किए गए हैं, खत्म नहीं हुए है। यदि उनके साथ इस बार वादाखिलाफी हुई तो धरने फिर शुरू कर दिए जाएंगे। किसी भी कीमत पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक मंगलवार को जसिया में आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जाट संविधान के अनुसार अपना हक मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार जाटों को राज्यों के सीमा बंटवारे में अलग करना चाहती है। अब जाट किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि जाट एकजुट हैं और अब एकजुटता के साथ ही लड़ाई लड़ी जाएगी। खुले मंच से उन्होंने सरकार को चेतावनी दी।
कहा कि सरकार यह न सोचे कि धरने खत्म करा दिए गए हैं, तो जाट शांत हो गए। सरकार को केवल दो माह का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में सरकार ने एक भी वादाखिलाफी की तो जाट आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में 31 अगस्त से पहले भी आंदोलन शुरू किया जा सकता है।