हरियाणा में आजकल जाट राजनीति फिर चरम पर है। आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर जाट चंद दिनों बाद सड़कों पर उतरने वाले हैं। घोषणा तो फिलहाल शांतिपूर्ण आंदोलन की है, लेकिन गुटों में बंटे जाट किसी भी समय उग्र रूप धारण कर सकते हैं।
प्रदेश में इस समय जाटों में सबसे बड़ी जंग धरतीपुत्र बनाम बाहरी को लेकर भी छिड़ी हुई है। प्रदेश व देश के अन्य राज्यों में जाटों को आरक्षण को लेकर लामबंद करने वाले अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के खिलाफ हरियाणा में बाहरी होने को लेकर मोर्चा खुल गया है। मलिक सबसे ज्यादा जाट नेता हवा सिंह सांगवान गुट के निशाने पर हैं।
सांगवान गुट के नेता राजेश दहिया ने बिना नाम लिए मलिक पर जमकर भड़ास निकाली है और अलग से आंदोलन की घोषणा भी कर दी है। मलिक ने जहां 29 जनवरी से मेवात, गुरुग्राम और पंचकूला को छोड़कर 19 जिलों में देहात में सड़कों किनारे अनिश्चितकालीन धरनों की घोषणा की है तो सांगवान गुट सिर्फ रोहतक में 27 जनवरी से धरना शुरू करेगा।