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फिलहाल दिल्ली कूच नहीं करेंगे जाट, इन मांगों पर बनी सरकार से सहमति

Mon, 20 Mar 2017 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जाट नेता यशपाल मलिक - फोटो : File Photo
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हरियाणा में 50 दिन के बाद जाट आरक्षण आंदोलन पर विराम लग गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र चौधरी व कानून राज्य मंत्री पीपी चौधरी के साथ चली मैराथन बैठक के बाद जाट नेताओं ने आंदोलन रोकने की घोषणा कर दी है। साथ ही 20 मार्च का दिल्ली कूच भी टाल दिया है।
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक और अन्य जाट नेताओं के साथ खट्टर, बीरेंद्र चौधरी व पीपी चौधरी के बीच दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में दो चरणों में लगभग पांच घंटे की मैराथन बैठक हुई। इसके बाद सरकार ने आंदोलनकारियों की सभी सात मांगें मान ली। मांगें पूरा किए जाने का सरकार से भरोसा मिलने के बाद आंदोलनकारी भी इस बात पर राजी हो गए हैं कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक शांति बनाए रखेंगे। इसके अलावा धरनों को समयबद्घ तरीके से खत्म कर दिया जाएगा। 

बैठक के बाद सीएम मनोहर लाल और जाट नेता यशपाल मलिक ने दिल्ली में संयुक्त पत्रकार वार्ता कर इसकी घोषणा की। बैठक के दौरान केंद्रीय कानून राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार जाटों की मांगों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जल्द ही राष्ट्रीय ओबीसी आयोग में चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद केंद्र में भी आरक्षण दिया जाएगा। पूर्व यूपीए सरकार ने जाटों को बगैर किसी ठोस योजना के आरक्षण दे दिया था। इससे मामला आज भी विवादों में घिरा हुआ है। 
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केंद्र की वर्तमान सरकार सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर जाटों को आरक्षण देगी। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि सरकार नियम-कानून के दायरे में रहकर जाटों की मांगें पूरी करेगी। वह सभी जायज मांगों को मानने के लिए तैयार हैं। मृतकों के आश्रितों और विकलांगों को स्थायी नौकरी दी जाएगी। भविष्य में हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा जाटों के बीच संयुक्त समिति काम करेगी, यह स्वीकार की गई मांगों तथा केसों की जानकारी का आदान-प्रदान करेगी।

यह मांगें पूरी करने पर बनी सहमति

सरकार और जाटों में बनी सहमति - फोटो : अमर उजाला
यह मांगें पूरी करने पर बनी सहमति
- केंद्र में नेशनल ओबीसी आयोग के चेयरमैन व अन्य सदस्यों की नियुक्ति के बाद केंद्र सरकार जाटों को आरक्षण देगी
- अदालत का फैसला आते ही हरियाणा सरकार जाटों को नौवीं सूची के तहत आरक्षण की सुविधा दिलाएगी
- वर्ष 2010 व 2017 के दौरान हुए आंदोलन के दौरान दर्ज केसों की समीक्षा की जाएगी।
- आंदोलन के दौरान मारे गए व्यक्तियों के आश्रितों तथा विकलांगों को स्थायी नौकरी।
- घायलों को बिना किसी देरी के मुआवजा।
- आरोपी अधिकारियों के खिलाफ जांच के बाद दोषी पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई
- जेलों में बंद युवाओं की रिहाई की समीक्षा के लिए सब-कमेटी बनेगी।
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धरने खत्म करने पर निर्णय 26 को : मलिक

जाट नेता यशपाल मलिक - फोटो : फाइल फोटो
धरने खत्म करने पर निर्णय 26 को : मलिक
मलिक ने बताया कि 26 मार्च को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें निर्णय लिया जाएगा कि धरने खत्म करने या न करने पर क्या फैसला लिया जाय। या फिर धरनों का आयोजन सांकेतिक रूप में जारी रखा जाए। वैसे दिल्ली कूच का कार्यक्रम रद कर दिया गया है। सरकार ने सभी सात मांगें मान ली हैं।

चौथी बैठक में माने जाट
रविवार को जाट समुदाय तथा हरियाणा सरकार के बीच वैसे तो यह पांचवीं बैठक रही। चूंकि एक संयुक्त बैठक गफलत के चलते रद हो गई थी। दो वार्ताएं पांच सदस्यीय अधिकारियों की समिति, एक तीन सदस्यीय मंत्री समूह और चौथी रविवार को सीएम मनोहर लाल और केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में हुई।

योगी के शपथ ग्रहण में शिरकत नहीं कर सके खट्टर 
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को रविवार को लखनऊ में यूपी के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर हरियाणा भवन में जाट आंदोलनकारियों के साथ बैठक की वजह से वे लखनऊ नहीं जा सके।  
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