इस शहर में सिर्फ दो लोग ऐसे है जिनके कारण शहर का नाम अंतराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हुआ है जिनमे नेकचंद और जसपाल भट्टी का नाम शामिल है लेकिन प्रशासन ने भट्टी को उस कदर सम्मान नहीं दिया जितना उन्हें कलाकार के साथ साथ शहर का निवासी होने के कारण मिलना चाहिए।
यह बात जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी ने शुक्रवार को पुलिस विभाग के अधिकारियों के समक्ष सेक्टर-9 में हेडक्वार्टर में प्रैसवार्ता के दौरान कही।
शुक्रवार को जसपाल भट्टी की पुण्यतिथि के मौके पर ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है। ऐसा पुलिस ने पहली बार किया जब किसी निधन हो चुके मशहूरी हस्ती को एंबेसडर बनाया गया है।
जसपाल की पत्नी सवित भट्टी ने बताया कि उन्होंने मांग की थी कि पेक के ओडिटोरियम को भट्टी के नाम पर कर दिया जाए ताकि इसे जसपाल भट्टी के नाम से पुकारा जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सविता भट्टी ने कहा कि ऐसा देखा गया कि जब मुबंई से कोई डी ग्रेट का कलाकार आता है तो उन्हें प्रशासन की ओर से ज्यादा सम्मान दिया जाता है लेकिन जो उनके शहर के कलाकार होते है उन्हें उतना सम्मान नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि जसपाल भट्टी ऐसा कलाकार थे जो अपने शहर के लिए मुबंई छोड़कर यहां पर रहे जिसका जसपाल को उतना क्रेडिट नहीं मिला है जितना मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वह चाहती है कि शहर में कोई जगह ऐसी बननी चाहिए जो जसपाल भट्टी के नाम पर हो।
उन्होंने कहा कि वह जसपाल को ट्रैफिक पुलिस का ब्रांड एंबेसडर बनाने पर आईजी और एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी का धन्यावाद करते है। उन्होंने कहा कि वह, उनका बेटा जसराज और नान सेंस क्लब भी लोगों को ट्रैफिक नियमो की पालन करने के लिए समय समय पर जागरूक करेगा।
अब वह सीट बेल्ट पहनकर चलते है
जसपाल भट्टी की मौत पिछले साल पंजाब में सड़क हादसे में हुई थी उस समय वह पिछली सीट पर बैठे थे। पुलिस के अनुसार अगर उन्होंने सीट बेल्ट नहीं पहनी हुई थी। सवित भट्टी ने बताया कि अब वह और उनका बेटा जब भी हाइवे पर पिछली सीट पर बैठते है तो वह सीट बेल्ट पहनते है। इसी तरह से एसएसपी मनीष चौधरी ने भी कहा कि जबकि पिछली सीट पर बेल्ट पहनना जरूरी नहीं है और न ही इसके लिए कोई नियम है लेकिन जसपाल भट्टी की मौत के बाद वह जब भी हाइवे पर पिछली सीट पर बैठकर जाते है तो वह सीट बेल्ट जरूर पहनते है। उन्होंने कहा कि जसपाल भट्टी को इसलिए एक साल के एंबेडसर बनाया गया ताकि देखने वाला यह जरूर पूछे कि भट्टी की मौत किस कारण हुई थी उसके बाद वह भी पिछली सीट पर बेल्ट लगाकर बैठने के प्रति जागरूक होगा। सविता भट्टी ने कहा कि जब भी ऊलटा पुलटा सीरियल का नाम आता है तो हर किसी के सामने जसपाल भट्टी की शक्ल सामने आ जाती है उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में जसपाल की मौत भी ऊलटा पुलटा कर गई है। उन्होंने कहा कि जसपाल आज भी उनके, परिवार और उनके फैन के साथ है। उन्होंने कहा कि जसपाल जाते जाते भी यह संदेश दे गए है कि पिछली सीट पर बैठने पर सीट बेल्ट लगानी चाहिए उनका कहना है कि सरकार को इस पर भी नियम बनाना चाहिए। उन्होंने ने विदेशों की ट्रैफिक व्यवस्था की तारीफ भी की।
19 लोगों की कम हुई है मौत
ट्रैफिक एसएसपी मनीष चौधरी का कहना है कि बेशक पिछले साल के मुकाबले में अब तक चालानों की संख्या कम हुई है लेकिन उनका कहना है कि पिछले साल के मुकाबले में अब तक 19 लोगों की मौत सड़क हादसे में कम हुई है उनका कहना है कि यह ट्रैफिक पुलिस की जागरूकता अभियान का भी फायदा मिला है। उनका कहना है कि अगर किसी राज्य में 19 हत्याएं ज्यादा हो जाए तो वहां पर हाहाकार मच जाता है ऐसे में शहर की पुलिस ने 19 लोगों को पिछले सालों में बचाकर काफी अच्छा प्रयास किया है। उनका कहना है कि जितना हक सड़क पर साइकिल चलाने का है उतना ही हक एक ओडी गाड़ी चलाने वाले का है। मालूम हो कि पिछले साल 23 अक्तूबर तक 108 लोगों की मौत सड़क हादसे में हो चुकी है।
विकलांग जीवन काफी मुश्किल
इस प्रैसवार्ता में इंस्पेक्टर राम दयाल ने भी ट्रैफिक नियमों की पालना करने के लिए जागरूक किया। राम दयाल खुद भी विकलांग है वह कई साल पहले एक रेल हादसे में घायल हो गए थे।