फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: जरनैल बाजवा को हाईकोर्ट से झटका, प्रॉपर्टी बेचने पर रोक

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बाजवा डेवलपर के मालिक जरनैल सिंह बाजवा को बड़ा झटका देते हुए प्रॉपर्टी को आगे बेचने पर रोक लगा दी है। अब बाजवा को प्रॉपर्टी का लेनदेन करने से पहले हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी।
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पेश नहीं होने पर अदालत की अवमानना की कार्रवाई का सामना कर रहे जरनैल बाजवा ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में पेश होकर बिना शर्त माफी मांगी। हाईकोर्ट ने फिलहाल बाजवा की माफी को स्वीकार नहीं किया है। हाईकोर्ट के आदेश पर बाजवा ने अपनी सारी संपत्ति की जानकारी सौंपी और उसके खिलाफ अलग-अलग कंज्यूमर कोर्ट में चल रहे मामलों की सूची भी सौंपी। हाईकोर्ट ने पाया कि बाजवा के खिलाफ अलग-अलग कंज्यूमर कोर्ट में डेढ़ सौ से भी ज्यादा शिकायतें विचाराधीन हैं। इससे पहले पंजाब सरकार हाईकोर्ट को बता चुकी है कि बाजवा के खिलाफ कुल 53 एफआईआर दर्ज हैं। इनमें से 39 की जांच विचाराधीन है, जिनमें 20 मोहाली में हैं।
हाईकोर्ट ने बाजवा के खिलाफ अदालत की अवमानना का जो नोटिस जारी किया है, उसमें जस्टिस संदीप मोदगिल ने बाजवा से पूछा कि क्यों न आपके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला चलाया जाए। हाईकोर्ट के बार-बार आदेश जारी करने के बावजूद बाजवा कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। हाईकोर्ट ने पिछले दिनों पंजाब के डीजीपी को पेश होकर बाजवा के खिलाफ दर्ज सभी मामलों का ब्योरा पेश करने के लिए कहा था। इसके बाद बाजवा को पुलिस ने किसी अन्य मामले में गिरफ्तार किया था और पुलिस ही उसे अदालत में लेकर आई।
विज्ञापन

इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप मोदगिल ने बाजवा से पूछा था कि हमारे आदेश के बावजूद आप अदालत में हाजिर क्यों नहीं हुए। बाजवा ने कहा था कि वह कुछ शिकायतकर्ताओं से समझौता करने के लिए पैसे का इंतजाम कर रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि बार-बार मौका देने के बावजूद आप पेश नहीं हुए, आप किसी भी रहम के हकदार नहीं हैं। हाईकोर्ट ने बाजवा को आदेश दिया था कि वह अपनी सभी संपत्तियों की जानकारी दें। इसमें चल, अचल संपत्ति व कंपनियों का ब्योरा भी हो।
जरनैल सिंह बाजवा पर जमीन साैदों में धोखाधड़ी व पैसे लेकर जमीन न देने के आरोप में दर्जनों मामले दर्ज हैं। इसके खिलाफ प्रभावित लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने बाजवा को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था।
बाक्स
16 साल पुरानी एफआईआर, जांच नहीं पूरी होने पर हाईकोर्ट की फटकार
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि जरनैल सिंह बाजवा पर वर्ष 2008 में एक एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जांच अब तक पूरी नहीं हुई है। हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि इस मामले में बाजवा की गिरफ्तारी का कोई प्रयास नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने अब बाजवा को अपने सभी बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि की जानकारी सौंपने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें