जालंधर वेस्ट विधानसभा सीट पर 10 जुलाई को उपचुनाव होगा। यह सीट शीतल अंगुराल के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वे आप की टिकट पर यहां से चुनाव जीते थे लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का हाथ थामकर इस्तीफा दे दिया था।
जालंधर वेस्ट उपचुनाव के लिए मतदान का दिन निकट आ रहा है और तमाम राजनीतिक दलों ने कमर कसनी शुरू कर दी है। सत्ताधारी पार्टी की तरफ से फ्रंटलाइन पर सीएम भगवंत मान हैं, जिन्होंने रविवार को मोर्चा संभाल लिया है।
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भाजपा की ओर से सुनील जाखड़ व रवनीत बिट्टू और पूर्व सांसद सुशील रिंकू मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से रिकॉर्ड मत हासिल करने वाले पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी मोर्चा संभाले हुए हैं। शिअद से उम्मीदवार तो मैदान में हैं, लेकिन वो सीधी लड़ाई में नजर नहीं आ रहे। लिहाजा मुख्य मुकाबला कांग्रेस की सुरिंदर कौर, आप के मोहिंदर भगत व भाजपा के शीतल अंगुराल के बीच है।
आप ने पूरी ताकत झोंकने का खाका तैयार किया है। सीएम मान ने रविवार को जालंधर दौरे के दौरान आप की पहली कतार के नेताओं को अपने तेवरों से अवगत करवा दिया है कि चुनाव में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। दरअसल, जालंधर वेस्ट की सीट पर 2022 में आप ने जीत हासिल की थी और शीतल अंगुराल विधायक बने थे, लेकिन दो साल में ही उनका पार्टी से मोहभंग हो गया और वह भाजपा में चले गए।
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वहीं भाजपा की तरफ से 2022 में चुनाव हारने वाले मोहिंदर भगत आप में शामिल हो चुके हैं और पार्टी ने उनको टिकट दे दिया। शीतल अंगुराल आप से विधायक थे और सीएम मान के लिए यह सीट प्रतिष्ठा बन चुकी है। इसके बाद पंजाब में चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। ऐसे में वेस्ट सीट की हार या जीत आगामी चारों सीटों के चुनाव पर असर डाल सकती है। दूसरा, सीएम मान को जिस तरह से चुनौती देकर शीतल अंगुराल भाजपा में गए हैं, उससे पार्टी को गहरा धक्का लगा है। हालांकि चुनाव सीएम मान की अगुवाई में होंगे।