पंजाब के चर्चित पाल गारमेंट्स के मालिक अनिल कुमार बिल्ला के मर्डर केस में नया मोड़ आ गया है। हत्याकांड के गवाह चरण सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है कि वह बिल्ला मर्डर केस का गवाह है और बिल्ला का मर्डर प्रापर्टी कारोबारी रंजीत सिंह ने करवाया था। इसके लिए गैंगस्टरों को मोटी सुपारी दी गई थी। इस मर्डर के पीछे करोड़ों का लेनदेन है और इसमें कई पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
बिल्ला मर्डर केस में जेके टूल्स के पार्टनर एक्सपोर्टर राजन कोचर को संदिग्ध मानकर गिरफ्तार किया था जबकि पुलिस ने राजन के बिजनेस पार्टनर लक्की कक्कड़ को भी एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था। प्रकाश नगर के कक्कड़ पर फर्जी पैन कार्ड बनवाने का आरोप लगा था।
कक्कड़ के खिलाफ थाना-6 में धोखाधड़ी और जालसाजी का पर्चा दर्ज किया गया जबकि राजन कोचर को बिल्ला मर्डर केस में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा था कि बिल्ला को मारने से पहले शूटर गाड़ी में दस मिनट तक बैठा रहा। जांच के बाद फोकल प्वाइंट स्थित जेके टूल्स के पार्टनर राजन कोचर और लक्की कक्कड़ शक के दायरे में आए थे।
पुलिस को पता चला था कि बिल्ला ने दोनों से करीब ढाई करोड़ रुपये लेने थे। राजन और लक्की की बिल्ला से अच्छी दोस्ती थी। पुलिस जांच में ये बात सामने आई थी कि शूटर स्कूटी (सफेद रंग की एक्टिवा) पर आया था। मर्डर में लाइसेंसी रिवाल्वर इस्तेमाल हुआ था।
राजन के पास रिवाल्वर और स्कूटी दोनों थे। जिस कारण पुलिस ने राजन कोचर को गिरफ्तार कर लिया। राजन सवा साल जेल के भीतर रहा जिसके बाद अदालत ने उसको बरी कर दिया। बिल्ला मर्डर केस की फाइल बंद हो गई।
हमने बेकसूर होते हुए काटी जेल...
वहीं इस याचिका के बाद बिल्ला हत्याकांड के आरोप में जेल जा चुके निर्यातक राजन कोचर ने चैन की सांस ली है। अदालत द्वारा बरी किए जा चुके निर्यातक राजन कोचर और उसके साथी लक्की कक्कड़ ने कहा है कि बेकसूर होते हुए भी उसको सवा साल जेल में काटने पड़े। जेल में रहने से कारोबार बिल्कुल खत्म हो गया।