जालंधर जिला एवं सत्र अदालत ने 35 साल पुराने कारोबारी सुरिंदर सिंह मक्कड़ की हत्या के मामले में लुधियाना के आतंकी सतिंदरजीत सिंह उर्फ मिंटू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुरिंदर सिंह मक्कड़ पूर्व विधायक सरबजीत सिंह मक्कड़ के भाई थे। सुरिंदर सिंह की मिंटू ने अपने तीन साथियों के साथ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी।
पीड़ित पक्ष के एडवोकेट मनदीप सिंह सचदेवा ने बताया कि परिजनों को इंसाफ के लिए 35 साल तक इंतजार करना पड़ा है। हत्या में शामिल आतंकियों हरदीप सिंह विक्की, हरविंदर सिंह और पलविंदर सिंह पहले ही मौत हो चुकी है।
22 जनवरी 1987 को मॉडल टाउन के साथ लगते गुरु तेग बहादुर नगर स्थित मक्कड़ के घर पर आतंकी सतिंदरजीत सिंह और उसके तीन साथी हरदीप सिंह विक्की, हरविंदर सिंह और पलविंदर सिंह घुस आए। सभी हथियारों से लैस थे। घर में घुसते ही सभी ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें नौकरानी और अन्य लोग तो बच गए, लेकिन सुरिंदर सिंह मक्कड़ का शरीर गोलियों से छलनी हो गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में घर की नौकरानी स्वर्ण कौर चश्मदीद गवाह थी। आतंकियों के घर की घंटी बजाने पर उसी ने दरवाजा खोला था। पुलिस थाना डिवीजन नंबर छह की पुलिस ने हत्या और हत्या का प्रयास का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मिंटू वारदात के 18 साल बाद 22 जून 2005 को पकड़ा गया था। मिंटू के खिलाफ चालान भी पेश किया, लेकिन कुछ साल जेल में रहने के बाद मिंटू जमानत पर छूट गया। उसके बाद वह अदालत में पेश नहीं हुआ। अदालत ने मिंटू को अगस्त 2009 में भगोड़ा घोषित किया। इस बीच, 2013 में मिंटू को हेरोइन की खेप के साथ काबू किया। गिरफ्तारी के बाद केस का ट्रायल चला।