रोते-बिलखते शहीद के परिजन व शहीद मुख्तियार सिंह की फोटो (इनसेट में)
शनिवार रात छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमले में बीएसएफ के जवान मुख्तियार सिंह शहीद हो गए। वे गांव भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक गांव फत्तूवाला के रहने वाले थे। रविवार सुबह साढ़े सात बजे परिवार को उनकी शहादत की खबर मिली तो घर में चीख पुकार मच गई। पूरा गांव शहीद के घर पहुंच गया, लेकिन शाम पांच बजे तक कोई नेता या जिला व पुलिस प्रशासन का अधिकारी वहां नहीं पहुंचा।
जानकारी के अनुसार मुख्तियार सिंह बीएसएफ बटालियन 114 में तैनात था। मुख्तियार की भर्ती 2002 में हुई थी। मुख्तियार के बड़े भाई शेर सिंह बिजली विभाग में तैनात है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह साढ़े सात बजे बीएसएफ हेडक्वार्टर से मोबाइल पर सूचना दी गई कि छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में मुख्तियार सिंह शहीद हो गया। उन्होंने कहा कि मुख्तियार का शव छत्तीसगढ़ से हवाई जहाज के जरिए अमृतसर एयरपोर्ट सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे पहुंचेगा। उसके बाद वाया रोड जलालाबाद लाया जाएगा और गांव के ही श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुख्तियार सिंह ने बीएसएफ ज्वाइन करने के बाद जलालाबाद, जेएंडके, वेस्ट बंगाल, त्रिपुरा और असम में नौकरी की। अब छत्तीसगढ़ में तैनात था। मुख्तियार के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद से उनकी मां भगवान कौर (65) और पत्नी मलकीत कौर का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।