जेटली की ओर से अपने ब्लॉग पर अपनी चुनाव प्रचार अभियान डायरी में लिखा है कि अमृतसर में मेरे चुनाव अभियान को दो सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है।
अमृतसर निर्विवाद तौर पर देश के सबसे आकर्षक शहरों में से एक है। इस शहर को देखने और जानने का मेरा पुराना अनुभव उस समय का है जब मैं यहां अपने दादा-दादी के पास आता था।
उसके बाद का मेरा अनुभव एक राजनीतिक प्रचारक के तौर पर रहा, जब पार्टी के प्रभारी के नाते राज्य के विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मैंने अमृतसर शहर को अपना मुकाम बनाया।
यह एक ऐतिहासिक शहर है जिसकी स्थापना 16वीं शताब्दी में की गई थी। यह शहर अपने आप में महान धार्मिक महत्ता सहेजे हुए है। यहां स्थित श्री हरमंदिर साहिब इस शहर को एक अंतरराष्ट्रीय महत्व प्रदान करता है।
दुर्ग्याण मंदिर, जलियांवाला बाग, राम तीर्थ, अटारी बॉर्डर और गोविंदगढ़ किला अमृतसर के महान धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अहमियत का बखान करते हैं। शहर के कुछ उद्यानों में व्यापक सुधार किया गया है। अमृतसर धार्मिक, ऐतिहासिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में राज्य की एक विनम्र शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। इस शहर में लोगों को आकर्षित करने की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन हमेशा यहां की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार रहेगा।
इस शहर के लिए मेरी परिकल्पना है कि यह शहर चारों ओर से बड़े राजमार्गों से जुड़ा हो, एक ऐसा शहर जहां आंतरिक आधारभूत संरचना में व्यापक सुधार किया जाने के जरूरत है, जहां समाज के सभी वर्गों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने की जरूरत है।
आबादी के एक बड़े हिस्से को पानी, सीवरेज और अच्छी सेहत सेवाओं की आवश्यकता है। इस विषयक योजनाएं चल रही हैं जिनकी निगरानी करने और तेजी लाए जाने की जरूरत है। शहर में तमाम फ्लाईओवर और एलिवेटेड सड़कों का निर्माण किया गया है। भंडारी पुल की तरह सभी फ्लाईओवर जो शहर को जोड़ने में जीवन रेखा की भूमिका निभा रहे हैं, का जीर्णोद्धार करने की जरूरत है। इनको मजबूत करने और विस्तार दिए जाने की आवश्यकता है।
शहर की विरासतों को संरक्षित और मजबूत करने की जरूरत है। उद्यानों को भी विस्तार देने की आवश्यकता है। हरियाली इस शहर के पर्यावरण को बेहतर बना सकती है। कई पुरानी इमारतों जैसे खालसा कॉलेज को उच्च गुणवत्ता के शिक्षण संस्थान के प्रतीक के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की जरूरत है।
अमृतसर की अर्थव्यवस्था मुख्यत: पर्यटन, उद्योग और व्यापार पर आधारित है। मुख्य औद्योगिक गतिविधियां कपड़ा क्लस्टर, कृषि औजार उद्योग, चावल मिलों, कढ़ाई, आभूषण, सजावटी वस्तुओं और जूते के निर्माण केंद्रित होना चाहिए। इन उद्योग समूहों को राज्य के समर्थन और प्रोत्साहन की जरूरत है।
केन्द्र सरकार के पास इन उद्योग समूहों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए एक योजना है। सीमा व्यापार को खोलने के लिए बुनियादी सुविधाओं की स्थापना की गई है। एक आखिरी कड़ी के तौर पर भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक सीमा व्यापार के लिए का शहर को विस्तार दिए जाने की जरूरत है। औद्योगिक गतिविधियां हमेशा निर्माण के माहौल एवं कम लागत वाली हमारी निर्माण क्षमता के ऊपर निर्भर रहेगी। पर्यटन एवं व्यापार (अंतरराष्ट्रीय व्यापार सहित) में अमृतसर की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित और मजबूत करने की क्षमता मौजूद है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सड़क, रेल और हवाई संपर्क को सुगम बनाना होगा। सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ाने समय की जरूरत है । बेहतर संपर्क के लिए अच्छे हवाई अड्डे की आवश्यकता है। अमृतसर के सामाजिक ढांचे को मजबूत करने के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की जरूरत है। हर राज्य में एम्स की स्थापना के वादे को साकार रूप देना होगा। मेडिकल कॉलेजों की विरासत के साथ अमृतसर एम्स की स्थापना के आदर्श स्थान हो सकता है। औद्योगिक गलियारे का अमृतसर तक विस्तार शहर की आर्थिक गतिविधि में तेजी लाएगा। यह कदम उपनगरीय बस्तियों के निर्माण के साथ किया जाना चाहिए।
अमृतसर का भोजन यहां की विनम्र ताकत का सबसे जरूरी हिस्सा है। देर रात तक खुलने वाले फूड स्ट्रीट और फूड विलेज के माध्यम से इस शहर के आकर्षण को बढ़ाया जा सकता है। यहां ऐसा कोई गली या चौराहा नहीं है, जहां पंजाब के पारंपरिक पकवान न बेचे जाते हों, ऐसे में फूड स्ट्रीट और फूड विलेज की स्थापना के माध्यम से अमृतसर अपनी विशिष्ट पहचान कायम करने में कामयाब होगा।