पंजाब के पहले आईआईएम की नींव जेटली ने रख्ाी
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पंजाब के पहले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) की नींव गुरु नगरी अमृतसर में वित्तमंत्री जेटली ने रखी। गुरु नगरी में गांव मानांवाला में 800 करोड़ की लागत से यह संस्थान बनाया जाएगा। रविवार को इसका शिलान्यास करने के लिए पहुंचे केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि शिक्षा और कृषि किसी भी देश की उन्नति का आधार हैं। देश की प्रगति के लिए इन दोनों का विकास जरूरी है। समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, हरसिमरत कौर बादल, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी मौजूद थे।
इस दौरान जेटली ने चिंता जताई कि युवा पीढ़ी डॉक्टर, इंजीनियर सहित अन्य क्षेत्रों को अपनाना चाहती है लेकिन किसान कोई नहीं बनना चाहता। उन्होंने जापान, ताइवान, कोरिया जैसे देशों की उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने देशों में कृषि के विकास के साथ-साथ एजुकेशन के स्तर को भी बढ़ाया और आज वे उन्नति के शिखर पर हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली का पंजाब के विकास के लिए हर तरह की मांग पूरी करने पर आभार जताया।
उन्होंने पंजाब को हैरिटेज का दर्जा देने, एम्स की स्थापना और जल्द ही बठिंडा एवं आदमपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना करने को केंद्र सरकार का सराहनीय कदम बताया। समारोह को उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, गुलजार सिंह रणिके, सांसद श्वेत मलिक भी मौजूद रहे।
मनमर्जी से नहीं बढ़ा सकते फीस : ईरानी
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने पंजाब में निजी स्कूलों में फीस वृद्धि की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि के मामले में स्कूलों को पैरेंट्स टीचर्स एसोसिएशन को विश्वास में लेना होगा और उसके बावजूद वे मनमाने ढंग से इसे बढ़ा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि फीस संबंधी चिंता को दूर करने के लिए जल्द ही पंजाब सरकार एक ऐतिहासिक निर्णय लेने जा रही है। स्मृति ने सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए बड़े स्कूलों के साथ जोड़ने की योजना पर भी बल दिया।