सोनीपत की राई विधानसभा सीट से 3 वोट से विजयी कांग्रेस उम्मीदवार जयतीर्थ दहिया का चुनाव पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। ईवीएम के रिकॉर्ड की जांच के बाद इंदरजीत दहिया के चार वोट बढ़ गए हैं, जबकि जयतीर्थ दहिया तीन वोटों से जीते थे। दूसरी ओर जयतीर्थ दहिया ने रिक्रिमेशन याचिका दायर कर कहा कि अगर फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है तो अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले एक बार उनका पक्ष अवश्य सुना जाए।
अपनी याचिका में जयतीर्थ दहिया ने इंदरजीत पर अपने गांव में बूथ कब्जाने का आरोप लगाया है। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने बुधवार को इंदरजीत सहित चुनाव आयोग को 27 सितंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है और याचिका के विचाराधीन रहते इंदरजीत दहिया को भी अभी विजयी घोषित नहीं किया है। 2014 के हरियाणा विधान सभा चुनाव में जयतीर्थ दहिया को 36,403 व इनेलो प्रत्याशी इंद्रजीत दहिया को 36,400 वोट मिले थे।
इंद्रजीत दहिया महज 3 वोट के अंतर से चुनाव हार गए थे और बाद में उन्होंने इस चुनाव को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने चुनावों में इस्तेमाल की गई ईवीएम के जांच के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड बेंगलूरू के ईवीएम विशेषज्ञ रवि रंजन ने इन सभी ईवीएम की जांच कर उसकी रिपोर्ट सीलबंद हाईकोर्ट को सौंप दी थी।
हाईकोर्ट को बताया गया था कि कुल 9 वोट ऐसे हैं, जिस पर विवाद है। इनमें चार वोट दो बार डाली गई हैं और एक वोट मृतक की डाली गई है। बहस के दौरान यह भी सवाल उठा कि जो चार वोट दो बार डाली गई है, उन्हें रद्द माना जाए या उन्हें आठ वोट माना जाए। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बुधवार को जयतीर्थ दहिया के चुनाव को रद्द कर दिया है, दहिया की रिक्रिमेशन याचिका के विचाराधीन रहते इंदरजीत दहिया को भी अभी विजयी घोषित नहीं किया है।