अनशन खत्म हुआ है ना कि आंदोलन
पत्रकारों से बातचीत दौरान डल्लेवाल ने कहा कि यह अनशन खत्म हुआ है ना कि आंदोलन, आंदोलन पहले से 10 गुना ज्यादा मजबूती से आंदोलन जारी रहेगा। केंद्र सरकार के कृषि मंत्री द्वारा उनको बैठक में 4 तारीख की बैठक में हिस्सा लेने की अपील की गई है। सरकार को कोई गलतफहमी ना हो हम अपने साथियों सहित इस बैठक में हिस्सा जरूर लेंगे और दलीलों अपीलों के साथ सरकार पर अपनी किसने की मांगों को लेकर अपनी मांगे रखी जाएगी। उनका आंदोलन ना तो खत्म हुआ है और ना ही मांगे पूरी होने तक खत्म होगा। हमारा किसी भी किसान संगठन से कोई निजी लड़ाई नहीं है विचारों की लड़ाई है विचारों का आपसी ना मिलना इसको लड़ाई की संज्ञा देना गलत है किसान अपने मिशन पर लगे हुए हैं कभी ना कभी किसान आंदोलन की जीत जरूर होगी।
भगवान जब जन्म देता है तो उसके कर्म भी साथ देता है
आज खत्म किए गए अनशन पर जगजीत सिंह डलेवाल ने कहा कि भगवान जब जन्म देता है तो उसके कर्म हर व्यक्ति को साथ में देता है जो जो भगवान ने मेरे से मेरे कर्मों के अनुसार करवाया वह मेरे कर्म थे। अनशन खत्म करना भी मेरा निजी फैसला नहीं था। आगे भी जो होगा वह भगवान की इच्छा से ही होगा। डल्लेवाल ने कहा कि किसानों ने आंदोलन किया सरकार एमएसपी की बात को सुनने को तैयार नहीं थी आज एमएसपी की मुद्दा बनकर उभरा है इसी बात को लेकर किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक होने जा रही है। हम इस बैठक में हिस्सा जरूर लेंगे।
किसान महा पंचायत तमिलनाडु, कर्नाटका और यूपी में महापंचायत करने जा रही है उसमें वह भी हिस्सा लेंगे।
अनशन खत्म करने से पहले किया संबोधन
आमरण अनशन खत्म करने से पहले जगजीत सिंह डल्लेवाल ने किसानों को संबोधित करते कहा, कि "जिस दिन मैंने अपना आमरण अनशन शुरू किया था, मैंने सभी से एक मांग की थी। अगर सरकार इसे छीन लेगी तो हम हार जाएंगे, और अगर आप इसे नहीं छीनने देंगे तो हम जीत जाएंगे। जिस तरह पंजाब और हरियाणा के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग रात-रात भर जागकर मोर्चा संभाल रहे हैं, मैं आपके साहस को देख और सुन रहा हूं। सरकार को मोर्चे के पास नहीं आने दिया गया और सरकार को सुप्रीम कोर्ट में यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि उनके लिए डल्लेवाल को वहां से उठाना संभव नहीं है। इसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूं।
जो पीछे से हमला करता है, वह हमेशा हार जाता है
घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह अब एक हारी हुई सरकार है क्योंकि जो पीछे से हमला करता है, वह हमेशा हार जाता है। दोनों सरकारों ने हमें बैठकों में बुलाया और हमें गिरफ्तार किया, हमारे किसानों को नेतृत्वहीन छोड़ दिया। उन्होंने हमारे सभी नेताओं को उठा लिया और उन्हें जेल में डाल दिया।
किसान मोर्चा विफल करना कोई बहादुरी की बात नहीं है, यह कायरता की बात है: डल्लेवाल
जगजीत सिंह डलेवाल ने बातचीत दौरान कहा कि सरकार ने हमारे 1500-1600 साथियों को कैद कर लिया और फिर हमारे मोर्चे को विफल कर दिया। यह बहादुरी की बात नहीं है, यह कायरता की बात है। मैं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बात कहना चाहता हूं कि आप धोखे से मोर्चे को हटा सकते हो, लेकिन हमारे दिलों में हमारी मांगें पूरी होने की भावना को कैसे खत्म करोगे? यह युद्ध जारी है और हमें हर कीमत पर जीतना होगा। उन्होंने कहा कि हम भगवंत मान को बताना चाहते हैं कि मोर्चा जारी है। किसान हर दिन मोर्चा निकाल रहे हैं।
किसान आंदोलन- 2.0:
* किसान आंदोलन-2.0 ने 13 फरवरी 2024 को दिल्ली की ओर कूच किया
* किसानों को हरियाणा पुलिस ने पंजाब बॉर्डर पर रोक दिया
* किसानों ने कई बार दिल्ली की ओर बढ़ने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए
* दिल्ली पलायन के दौरान शुभकरण सिंह की मृत्यु हो गई, कई किसान घायल हो गए
* किसानों की मांगें न माने जाने पर जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 26 नवंबर को भूख हड़ताल शुरू कर दी
* किसानों और सरकार के बीच बातचीत फिर शुरू हो गई है, 7 दौर की बातचीत हो चुकी है
* 19 मार्च को 7वें दौर की वार्ता बेनतीजा रही और अगले दौर की वार्ता 4 मई को होनी थी
* किसान एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत दिल्ली आंदोलन की मानी गई मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं
*चंडीगढ़ में बैठक के बाद जैसे ही किसान नेता मोहाली में दाखिल हुए, उन्हें हिरासत में ले लिया गया
* किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने बॉर्डर पर भी कार्रवाई की।