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घिबली आर्ट का क्रेज पड़ेगा महंगा: यूटी पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर दी चेतावनी, निजी डाटा लीक हो जाएगा

Sat, 05 Apr 2025 02:13 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

घिबली आर्ट इन दिनों लोगों में काफी लोकप्रिय हो रहा है। अब चंडीगढ़ पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि लोग फिशिंग ईमेल से बचें। ऐसी साइट व्यक्तिगत जानकारी चुरा नकली सामान भेज गायब हो जाती हैं। 
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घिबली आर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ में इन दिनों युवाओं से लेकर हर उम्र के लोगों में घिबली आर्ट को लेकर काफी क्रेज देखने को मिल रहा है। लेकिन घिबली आर्ट के जरिए साइबर ठग आपका निजी डाटा लीक कर रहे है। इस तरह के हाल ही में कुछ मामले भी सामने आए है। इसको लेकर अब यूटी पुलिस पहले ही अलर्ट हो गई है और पुलिस ने घिबली आर्ट के जरिए लीक हो रहे डाटा को लेकर एडवाइजरी के जरिए शहर के लोगों के लिए चेतावनी भी जारी कर दी है।

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नकली ऑनलाइन दुकानें: यूटी पुलिस के साइबर एक्सपर्ट अधिकारी ने बताया कि अपराधी आधिकारिक घिबली माल या कलाकृति बेचने का दावा करते हुए धोखाधड़ी वाले ऑनलाइन स्टोर या नीलामी साइट बनाते है। ये साइटें व्यक्तिगत जानकारी चोरी कर लेती है और नकली सामान भेजने या खरीदारी के बाद गायब हो सकती हैं।
फिशिंग घोटाले: साइबर अपराधी आधिकारिक घिबली समाचार या ऑफर के जरिए फिशिंग ईमेल भेज रहे है। इन ईमेल में नकली मर्चेंडाइज स्टोर या सोशल मीडिया अकाउंट के लिंक शामिल होते है। इन लिंक पर क्लिक करने से मैलवेयर डाउनलोड हो जाता है जिससे व्यक्तिगत जानकारी लीक होने का डर है।
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ऑनलाइन गिवअवे और प्रतियोगिताएं: इसके अलावा साइबर ठगों द्वारा नकली घिबली-संबंधित प्रतियोगिताएं या गिवअवे उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा को चुराने या उन्हें दुर्भावनापूर्ण फाइलें डाउनलोड करने के लिए रणनीति के तहत उपयोग की जाती हैं। इसलिए हमेशा सावधानी बरतते हुए इसका प्रयोग करें।
घिबली कला के रूप में सॉफ्टवेयर: कुछ साइबर अपराधी मैलवेयर या रैनसमवेयर को डाउनलोड करने योग्य सामग्री (जैसे घिबली वॉलपेपर या आर्ट पैक) के रूप में प्रदर्शित करते हैं। एक बार जब कोई उपयोगकर्ता सामग्री डाउनलोड कर लेता है, तो उसके डिवाइस पर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जो संभावित रूप से डेटा को लॉक या लीक कर सकता है।
नकली कलाकार प्रोफाइल: साइबर अपराधी नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल या वेबसाइट बना रहे हैं जो कलाकार, खास तौर पर प्रशंसक कलाकार होने का दिखावा करते हैं, ताकि प्रशंसकों से व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की जा सके। यहां तक कि नकली कलाकृतियां बेचने के लिए कलाकार का प्रतिरूपण भी किया जा रहा है।
व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा: सार्वजनिक तौर पर अपने डेबिट, क्रेडिट कार्ड नंबर या निजी व्यक्तिगत विवरण जैसी संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें, जब तक कि आपको प्लेटफार्म पर भरोसा न हो।

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खुद की सुरक्षा के लिए सुझाव

  • प्रामाणिकता सत्यापित करें: हमेशा सुनिश्चित करें कि घिबली कला, माल या सामग्री प्रदान करने वाली वेबसाइट या खाते वैध हैं।
  • चोरी की रिपोर्ट करें: यदि आपको चोरी की गई घिबली कला या नकली माल मिलता है, तो उचित अधिकारियों या प्लेटफार्म पर इसकी रिपोर्ट करें।
  • विश्वसनीय प्लेटफार्म का उपयोग करें: घोटालों और धोखाधड़ी से बचने के लिए प्रतिष्ठित और अधिकृत वेबसाइटों से आधिकारिक सामान और डाउनलोड खरीदें।
  • मुफ्त ऑफर से सावधान रहें: अपरिचित वेबसाइटों पर या अनचाहे ईमेल के जरिए बहुत ज्यादा अच्छे ऑफर के झांसे में न आएं।
  • सूचित और सतर्क रहकर आप खुद को और अपने काम को घिबली कला से संबंधित साइबर अपराध से बचा सकते हैं।

घिबली ग्लैमर और निजी डाटा लीक घोटाला

जब उपयोगकर्ता कोई भी फोटो अपलोड करते हैं या ऐप्स को अपने कैमरे तक पहुंचा देते हैं, तो एआई कंपनियां चेहरे के डेटा को कैप्चर और स्टोर करती हैं। इससे एक डिजिटल फुटप्रिंट बनता है जो पासवर्ड या क्रेडिट कार्ड के विवरण से कहीं ज्यादा मूल्यवान होता है। पासवर्ड के विपरीत, जिसे बदला जा सकता है, एक समझौता किए गए चेहरे की पहचान स्थायी रूप से उजागर हो जाती है। यह डेटा बाद में लीक हो सकता है या विभिन्न प्लेटफार्म पर बेचा जा सकता है। बाद में यह सिंथेटिक पहचान धोखाधड़ी और डीपफेक घोटालों को बढ़ावा देता है।

लागू होने वाली आईटी धाराएं

आईटी अधिनियम धारा 66ई - गोपनीयता के उल्लंघन के लिए दंड
आईटी अधिनियम धारा 43 - यह अनधिकृत पहुंच, कंप्यूटर सिस्टम को नुकसान और डेटा उल्लंघन से संबंधित है।
आईटी अधिनियम धारा 66 - कंप्यूटर से संबंधित अपराध
आईटी अधिनियम धारा 66ई - गोपनीयता के उल्लंघन के लिए दंड
आईटी अधिनियम धारा 72 - गोपनीयता और निजता के उल्लंघन के लिए दंड
आईपीसी धारा 465/बीएनएस 336 - तस्वीरों को मॉर्फ करना और गलत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना
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