पंजाब सरकार ने नौजवानों को अप्रेंटिस प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अप्रेंटिस प्रशिक्षण स्कीम के तहत वजीफा की राशि 600 से लेकर 900 रुपये तक बढ़ा दी हैं।
आईटीआई के शिक्षार्थियों को कोर्स के दौरान सर्व भारतीय स्तर के शिक्षार्थी प्रशिक्षण एक्ट 1961 तहत अप्रेंटिस प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है।
पंजाब के तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री मदन मोहन मित्तल ने बताया कि इसके तहत आईटीआई के शिक्षार्थियों को कोर्स के दौरान एक वर्ष की अप्रेंटिस प्रशिक्षण और 10वीं या 8वीं श्रेणी पास करने के बाद सीधी अप्रेंटिस प्रशिक्षण 2 से 4 वर्ष तक लेना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि इस तहत शिक्षार्थियों को पहले वर्ष के प्रशिक्षण के लिए वजीफा प्रतिमाह 1490 से बढ़ाकर 2100 रुपये प्रतिमाह, द्वितीय वर्ष के लिए 1700 से बढ़ाकर 2400 रुपये, तृतीय वर्ष के लिए 1970 से बढ़ाकर 2800 रुपये और चौथे वर्ष के लिए 2220 से बढ़ाकर 3100 रुपये प्रतिमाह कर दी है।
मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा अप्रेंटिस प्रशिक्षण मुहैया करवाने के लिए सरकारी सेक्टर में दो संस्थानों सरकारी प्रेस पटियाला और सरकारी बेसिक प्रशिक्षण केंद्र होशियारपुर, प्राईवेट क्षेत्र में से पंजाब ट्रैक्टर लि. मोहाली, डीसीएम इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स आसर, रोपड़, लीडर इंजीनियरिंग वर्क्स लि., जालंधर और मुगल गौटेज इंडिया लि. बहादरगढ़, पटियाला मंजूर किये हैं।