पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक का पहलू इंडियन एयरफोर्स की सर्वधर्म समभाव की भावना को भी दिखाता है। बालाकोट के ‘जाबा टॉप’ जहां इस ऑपरेशन को अंजाम दिया जाना था, वहां इंटेलिजेंस ने आतंकियों के चार टारगेट लोकेट किए थे।
मगर एयर स्ट्राइक से पहले जब इसका गहन अध्ययन किया गया तो मालूम चला कि चार टारगेट में एक भवन ऐसा है, जिसके ऊपर सफेद गुंबद बना है। यह भवन मदरसा हो सकता है या फिर मस्जिद। लिहाजा आला अफसरों की बैठक में यह पहले ही तय कर लिया गया कि इस भवन को टारगेट लिस्ट से हटा दिया जाए, उस पर कोई बमबारी नहीं की जाएगी।
यह तय किया गया कि जाबा टॉप पर बाकी बचे तीन टारगेट, आतंकियों के मुजाहिद हॉस्टल, युवा ट्रेनी हॉस्टल और ट्रेनर आवास को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। इस प्लानिंग के तहत 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना ने बालाकोट एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान किसी प्रकार की कोई चूक न हो, इसके लिए इंटेलिजेंस होमवर्क भी मजबूत था।
दरअसल, 14 फरवरी को पुलवामा अटैक के बाद पाकिस्तान को जवाब देने का फैसला कर लिया गया था। जवाब कैसे देना है, एक विशेष बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने यह फैसला तीनों सेना प्रमुखों पर छोड़ दिया था। एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने इस बार एयरफोर्स को टास्क देने की बात कही थी, अंतत: फैसला लिया गया कि इस बार जवाब एयरफोर्स ही देगी।