चंडीगढ़। कोरोना की वजह से पहले ही देरी से चल रही चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की आईटी पार्क आवासीय योजना अब एक बार फिर लटक गई है। योजना को लेकर अब प्लान अप्रूवल कमेटी की तरफ से कुछ आपत्तियां दर्ज की गई हैं। अब सीएचबी इन आपत्तियों को दूर करके दोबारा मंजूरी के लिए भेजेगा। इस पूरी प्रक्रिया में अभी समय लगेगा।
जानकारी के अनुसार, कमेटी की तरफ से कहा गया है कि ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स को लेकर भी इस स्कीम के साथ ही प्लान जमा किया जाना चाहिए, जबकि बोर्ड ने जवाब में कहा है कि वह सेक्टर-54 में अपनी खाली पड़ी जगह पर ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का निर्माण करवाएंगे लेकिन कमेटी के सदस्य बोर्ड के इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। बोर्ड ने स्कीम के लिए शुरुआती रेट लिस्ट भी तैयारी की हुई है, जिसके तहत चार बेडरूम के फ्लैट्स की कीमत 2.75 करोड़ रुपये के करीब होगी। वहीं, तीन बेडरूम का फ्लैट करीब 1.90 करोड़ रुपये में पड़ेगा। स्कीम को लेकर ड्राइंग्स का काम पूरा होने के बाद ही फाइनल रेट लिस्ट जारी की जाएगी।
पिछली बोर्ड बैठक में आईटी पार्क आवासीय योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई थी, जिसके बाद ही इस पर आगे काम किया जा रहा है। बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग ने बताया कि योजना की जल्दी मंजूरी के लिए वह प्रयास कर रहे हैं, ताकि इसे जल्दी लांच किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते भी इसमें देरी हो रही है।
ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स को दूसरी जगह बनाना चाहता है सीएचबी
बोर्ड की योजना के तहत ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स की जगह दो-बेडरूम के तीन टॉवर बनाए जाएंगे, क्योंकि बोर्ड ने ईडब्ल्यूएस वर्ग के फ्लैट्स का निर्माण किसी अन्य जगह करवाने का फैसला लिया था। एडवाइजरी काउंसिल की स्टैंडिंग कमेटी ऑन अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड प्लानिंग फॉर द सिटी की तरफ से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी कि यहां पर ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का निर्माण नहीं करवाया जाएगा। यही कारण है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के फ्लैट्स के दाम भी बाद में तय किए जाएंगे। पहले बोर्ड ने यहां 788 फ्लैट्स का निर्माण करवाने का फैसला लिया था लेकिन फिर ईडब्ल्यूएस वर्ग को यहां की जगह किसी अन्य जगह बनाने के फैसले के बाद ही फ्लैट्स की संख्या घटाकर 728 कर दी गई थी। दरअसल, बोर्ड के पास आईटी पार्क में 123 एकड़ भूमि है। बोर्ड ने दो साइट्स पर 728 फ्लैट्स का निर्माण करना है। इसमें दो-बेडरुम के 252, तीन बेडरूम के 448 और चार बेडरूम के 28 फ्लैट्स शामिल होंगे। ये सात मंजिला फ्लैट्स होंगे। इनमें दो बेसमेंट पार्किंग होंगी और प्रत्येक फ्लैट्स के लिए दो कारों को पार्क करने की व्यवस्था होगी।